लखनऊ में अतिक्रमण-ट्रैफिक जाम पर ‘आर-पार’ की लड़ाई का ऐलान, डिप्टी सीएम बृजेश पाठक के सामने शपथ से पहले ही आंदोलन की चेतावनी 

लखनऊ के सबसे व्यस्त और पुराने व्यापारिक इलाकों में से एक आलमबाग-चन्दर नगर में व्यापारियों ने अपनी ताकत का जबरदस्त प्रदर्शन किया है। नव निर्वाचित कार्यकारिणी की शपथ ग्रहण समारोह से ठीक पहले डिप्टी सीएम बृजेश पाठक की मौजूदगी में हुई बैठक में सैकड़ों व्यापारी एकजुट नजर आए। इस एकजुटता ने साफ संकेत दिया कि अब अतिक्रमण, दिनभर लगने वाले ट्रैफिक जाम, बाजारों में फैली अव्यवस्था, सफाई की कमी, लाइटिंग की समस्या और सुरक्षा संकट जैसे मुद्दों पर चुप नहीं बैठा जाएगा। नवनिर्वाचित अध्यक्ष सुमेश मिश्रा ने खुलकर कहा कि प्रशासनिक लापरवाही और जुमलों से व्यापारी अब त्रस्त हो चुके हैं। यदि 15-20 दिनों में ठोस समाधान नहीं निकला तो सड़क जाम से लेकर प्रशासनिक दफ्तरों तक घेराव और बड़ा आंदोलन होगा। वरिष्ठ महामंत्री मोहन खत्री और महामंत्री अभिषेक साडाना ने संगठन को ‘केवल नाम का’ नहीं रहने देने का ऐलान किया। बैठक में व्यापारियों ने बताया कि अतिक्रमण के कारण दुकानों के सामने पैदल चलना मुश्किल हो गया है, ग्राहक वाहन पार्क नहीं कर पाते, और जाम से बिक्री 40-50% तक गिर गई है। डिप्टी सीएम ने व्यापारियों की बात सुनी और जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया, लेकिन व्यापारी मूड में हैं – अब सिर्फ लिखित आश्वासन नहीं, जमीनी काम चाहिए।

आलमबाग-चन्दर नगर लखनऊ का ऐसा इलाका है जहां रोजाना हजारों की संख्या में लोग खरीदारी के लिए आते हैं। कपड़े, इलेक्ट्रॉनिक्स, जूते-चप्पल, किराना, हार्डवेयर से लेकर स्टेशनरी तक हर तरह की दुकानें यहां हैं। लेकिन पिछले 8-10 सालों से समस्या बढ़ती जा रही है। फुटपाथ और सड़क के किनारे अवैध ठेले, अतिक्रमण करने वाली दुकानें और पार्किंग की कमी से ट्रैफिक पूरी तरह जाम रहता है। सुबह 10 बजे से शाम 8 बजे तक जाम की वजह से ग्राहक दूर-दूर के इलाकों से आना बंद कर चुके हैं। कई दुकानदारों ने बताया कि पहले जहां दिन में 200-300 ग्राहक आते थे, अब 50-60 रह गए हैं। सफाई की कमी से गंदगी, बदबू और मच्छरों का बोलबाला है। रात में लाइटिंग न होने से चोरी और लूट की घटनाएं बढ़ गई हैं। महिलाएं और बुजुर्ग ग्राहक अब डरते-डरते आते हैं।

नव निर्वाचित कार्यकारिणी ने इन सभी मुद्दों पर गहन चर्चा की। अध्यक्ष सुमेश मिश्रा ने कहा, “हमारा बाजार लखनऊ का दिल है, लेकिन प्रशासन इसे नजरअंदाज कर रहा है। हमने कई बार शिकायत की, मीटिंग की, लेकिन सिर्फ फाइलें घूमती रहीं। अब हम संगठित होकर लड़ेंगे।” वरिष्ठ महामंत्री मोहन खत्री ने जोड़ा, “पहले हम सिर्फ शिकायत करते थे, अब हम कार्रवाई करेंगे। यदि अतिक्रमण हटाने के लिए नगर निगम नहीं आया तो हम खुद साफ-सफाई अभियान चलाएंगे और जिम्मेदारों को घेरेंगे।” महामंत्री अभिषेक साडाना ने कहा, “संगठन अब जमीनी स्तर पर काम करेगा। हम हर मुद्दे पर लिखित मांग पत्र देंगे, समयसीमा देंगे। अगर नहीं माना गया तो रैलियां, धरना, चक्का जाम – सब होगा।”

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बैठक में मौजूद अन्य पदाधिकारी

  • कोषाध्यक्ष विनोद भाटिया ने फंड जुटाने और कानूनी लड़ाई की तैयारी का जिक्र किया।
  • वरिष्ठ उपाध्यक्ष जुगल किशोर भवनानी ने कहा कि ट्रैफिक पुलिस की लापरवाही सबसे बड़ी समस्या है।
  • उपाध्यक्ष जयराम खत्री और समीर मिश्रा ने सुरक्षा के लिए सीसीटीवी और गश्त की मांग की।
  • विधि सलाहकार गुलशन मोहला ने कानूनी रास्ते से दबाव बनाने की रणनीति बताई।
  • प्रचार मंत्री मोहम्मद कासिम खान ने सोशल मीडिया पर अभियान चलाने का ऐलान किया।
  • सचिव अंकुर चौधरी और सदस्य दीपक पांडेय ने सदस्यों को संगठित रखने का वादा किया।

डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने व्यापारियों की बात ध्यान से सुनी। उन्होंने कहा कि आलमबाग-चन्दर नगर जैसे इलाकों का विकास सरकार की प्राथमिकता है। अतिक्रमण हटाने, ट्रैफिक मैनेजमेंट और सफाई के लिए जल्द टीम भेजी जाएगी। लेकिन व्यापारियों का कहना है कि पिछले कई सालों से ऐसे आश्वासन मिलते रहे हैं, अब सिर्फ काम चाहिए। उन्होंने 15-20 दिनों की समयसीमा तय की है। यदि कार्रवाई नहीं हुई तो बड़ा आंदोलन होगा।

INPUT-ANANYA  MISHRA

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