लखनऊ: सनी लियोनी को बड़ा झटका , एक्सपेरियन कैपिटल में ‘चिका लोका’ बार पर रोक, SCDRC ने बिल्डर पर लगाया 50,000 का जुर्माना

लखनऊ: उत्तर प्रदेश राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग (SCDRC) ने लखनऊ के विभूति खंड स्थित एक्सपेरियन कैपिटल आवासीय परिसर में सनी लियोनी द्वारा संचालित बार और रेस्टोरेंट ‘चिका लोका’ के निर्माण और संचालन पर रोक लगा दी है। आयोग ने इस मामले में बिल्डरों को शिकायतकर्ताओं को 50,000 मुकदमेबाज़ी खर्च के रूप में अदा करने का भी निर्देश दिया।

वरिष्ठ नागरिकों ने की शिकायत 

न्यायिक सदस्य सुशील कुमार की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि शिकायतकर्ता वरिष्ठ नागरिक हैं जिन्होंने शोर, सुरक्षा और सार्वजनिक उपद्रव को लेकर आपत्ति जताई थी। आयोग ने माना कि बार और रेस्टोरेंट की स्थापना उनके शांतिपूर्ण और गरिमामय जीवन के संवैधानिक अधिकार का उल्लंघन होगी।

आयोग बोला 

‘जहाँ बार चलता है, वहाँ झगड़े भी समानांतर चलते हैं। वरिष्ठ नागरिक ऐसे झगड़ों का सामना अपने आस-पास नहीं कर सकते।’

लेआउट और कानून का उल्लंघन

शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया कि बिल्डरों ने स्वीकृत लेआउट का उल्लंघन किया है। रेजिडेंशियल उपयोग के लिए आरक्षित डबल-हाइटेड बैडमिंटन कोर्ट को ‘चिका लोका’ रेस्टोरेंट-कम-बार के रूप में वाणिज्यिक प्रयोग में लाया गया, जो न केवल भवन योजना और अग्नि सुरक्षा मानकों बल्कि उत्तर प्रदेश की आबकारी नीति का भी उल्लंघन है। इसके अलावा, यह कार्य फ्लैट खरीदारों की सहमति के बिना किया गया, जो अनुचित व्यापारिक आचरण की श्रेणी में आता है।

आयोग की सख्त टिप्पणी

आयोग ने कहा, ‘यदि इस क्षेत्र में रेस्टोरेंट-कम-बार चलाने की अनुमति दी जाती है, तो निवासियों को पार्किंग की समस्या का सामना करना पड़ेगा। यह अग्नि सुरक्षा मानकों के खिलाफ है और आबकारी नीति के अनुसार भी अवैध है।’आयोग ने स्पष्ट किया कि प्रतिवादी सं. 1 और 2 (बिल्डर) को यह अनुमति नहीं दी जा सकती कि वे प्रतिवादी सं. 3 (‘चिका लोका’ संचालक) को आवासीय क्षेत्र में बार खोलने की अनुमति दें।’

मानसिक पीड़ा के हर्जाने की मांग खारिज

शिकायतकर्ताओं ने 15,00,000 की क्षतिपूर्ति की मांग की थी, जिसमें मानसिक और शारीरिक पीड़ा, अनुचित व्यापारिक अनुबंध एवं आचरण शामिल था। हालांकि, आयोग ने इस आधार पर मुआवजे की मांग को खारिज कर दिया।

कानूनी प्रतिनिधित्व

शिकायतकर्ताओं की ओर से एडवोकेट मनु दीक्षित उपस्थित हुए। वही प्रतिवादियों की ओर से एडवोकेट प्रशांत कुमार और श्रेयस कुमार अग्रवाल ने पक्ष रखा।

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