पश्चिम एशिया संकट (ईरान-अमेरिका-इजरायल युद्ध) के बीच उत्तर प्रदेश में तेल, डीजल और एलपीजी (रसोई गैस) की कथित कमी को लेकर सोशल मीडिया पर अफवाहें तेजी से फैल रही हैं। इससे पेट्रोल पंपों और गैस एजेंसियों पर भीड़ लगने और पैनिक खरीदारी की स्थिति बन रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए सभी जिलाधिकारियों (DM), पुलिस कप्तानों और संबंधित विभागों को सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा है कि प्रदेश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की कोई कमी नहीं है, आपूर्ति और वितरण सामान्य है। अफवाह फैलाने वाले, कालाबाजारी करने वाले या जमाखोरी करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
सीएम योगी के निर्देश
मुख्यमंत्री ने उच्च स्तरीय बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसी भी तरह की अफवाह या कृत्रिम संकट की स्थिति न बनने पाए। उन्होंने कहा सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों पर कड़ी कार्रवाई हो। पुलिस मुख्यालय और जिला स्तर पर सोशल मीडिया की निगरानी बढ़ाई जाए।
पेट्रोल पंपों, गैस एजेंसियों और डीलरों के आसपास पुलिस नजर बनाए रखे। जिला प्रशासन और आपूर्ति विभाग गैस दुकानों, पेट्रोल पंपों का नियमित निरीक्षण करें।
अवैध भंडारण (जमाखोरी) या कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई हो।
घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता देते हुए कमर्शियल सप्लाई को नियंत्रित किया जाए, लेकिन पैनिक न फैले।
सीएम ने जोर दिया कि प्रदेश में पर्याप्त स्टॉक है और लोग घबराएं नहीं। अफवाहों से बचें और आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें।
स्थिति और अफवाहों का असर
पश्चिम एशिया युद्ध से होर्मुज जलडमरूमध्य प्रभावित होने के कारण वैश्विक स्तर पर जेट फ्यूल और LPG की कीमतें बढ़ी हैं, लेकिन भारत में घरेलू LPG और पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति सामान्य बताई जा रही है। कुछ जिलों जैसे लखनऊ, गोरखपुर, लखीमपुर खीरी, सीतापुर में गैस एजेंसियों पर लंबी कतारें लगीं और अफवाहों से पैनिक खरीदारी हुई। कुछ जगहों पर कमर्शियल सिलेंडर की डिलीवरी सीमित होने की बात कही जा रही है, लेकिन घरेलू उपभोक्ताओं को कोई समस्या नहीं है। केंद्र सरकार ने भी ESMO (Essential Services Maintenance Act) लागू कर कालाबाजारी रोकने के कदम उठाए हैं।
प्रतिक्रिया और आगे की कार्रवाई
सीएम योगी के निर्देश के बाद पुलिस और प्रशासन सतर्क हो गए हैं। सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वाले पोस्ट्स की निगरानी बढ़ाई गई है और ऐसे मामलों में IPC की धारा 505 (अफवाह फैलाना) या अन्य धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है। अधिकारियों को फील्ड में उतरकर निरीक्षण करने और रिपोर्ट देने के आदेश दिए गए हैं। यह कदम त्योहारों के मौसम में पैनिक रोकने और आपूर्ति सुचारू रखने के लिए महत्वपूर्ण है। यदि अफवाहें जारी रहीं तो और सख्त कदम उठाए जा सकते हैं।
INPUT-ANANYA MISHRA
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