लखनऊ में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रख्यात अमेरिकी वैदिक विद्वान, योग और आयुर्वेद विशेषज्ञ डॉ. डेविड फ्रोली (पंडित वामदेव शास्त्री) से मुलाकात की। बैठक में योग, आयुर्वेद, सनातन संस्कृति के वैश्विक प्रसार, नाथ परंपरा की भूमिका और अयोध्या के सांस्कृतिक पुनरुत्थान पर विस्तृत चर्चा हुई। डॉ. फ्रोली ने सीएम योगी को ‘तेजस’ (आध्यात्मिक तेज) का मुरीद बताया और राजनीति के शुद्धिकरण में उनकी भूमिका की सराहना की। यह मुलाकात सनातन मूल्यों को वैश्विक स्तर पर मजबूत करने और वेदों की ओर लौटने के संदेश को मजबूती देती है।
मुलाकात का विवरण और चर्चा के मुख्य बिंदु
मुख्यमंत्री आवास या सचिवालय में हुई इस बैठक में डॉ. फ्रोली ने योग और आयुर्वेद को आधुनिक स्वास्थ्य संकटों का समाधान बताया। उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति की जड़ें वेदों में हैं, और अयोध्या का कायाकल्प (राम मंदिर निर्माण और सांस्कृतिक उत्थान) भारत को वेदों की ओर लौटने का मार्ग दिखा रहा है। नाथ परंपरा (गोरखनाथ मठ से जुड़ी) को वैश्विक कल्याण की नई राह बताते हुए डॉ. फ्रोली ने सीएम योगी की नाथ योगी परंपरा को आगे बढ़ाने वाली भूमिका की प्रशंसा की। सीएम योगी ने डॉ. फ्रोली की वैदिक ज्ञान की गहराई और भारत के प्रति समर्पण की सराहना की। बैठक में ‘तेजस’ (आंतरिक तेज और शुद्धि) पर भी बात हुई, जहां डॉ. फ्रोली ने योगी सरकार के कार्यों को राजनीति के शुद्धिकरण के रूप में देखा।
डॉ. डेविड फ्रोली कौन हैं?
डॉ. डेविड फ्रोली (जन्म 1950) एक प्रसिद्ध अमेरिकी लेखक, वैदिक विद्वान और आयुर्वेदाचार्य हैं, जिन्हें पंडित वामदेव शास्त्री के नाम से जाना जाता है। उन्होंने 40 से अधिक किताबें लिखी हैं, जिनमें योग, वेदांत, आयुर्वेद और हिंदू धर्म पर गहन कार्य शामिल हैं। वे अमेरिकन इंस्टीट्यूट ऑफ वैदिक स्टडीज के संस्थापक हैं और पद्म भूषण से सम्मानित हैं। फ्रोली योगी आदित्यनाथ की जीवनी “The Monk Who Became Chief Minister” के फोरवर्ड लेखक भी हैं और 2019 में भी उनसे मिल चुके हैं। उनकी भारत यात्राएं अक्सर सनातन संस्कृति के प्रचार पर केंद्रित होती हैं।
सीएम योगी का योगदान और संदेश
सीएम योगी ने बैठक में कहा कि उत्तर प्रदेश नाथ परंपरा का केंद्र है और गोरखनाथ मठ से निकली यह परंपरा सामाजिक-आध्यात्मिक उत्थान का माध्यम बनी है। अयोध्या के राम मंदिर को वेदों और सनातन मूल्यों की ओर लौटने का प्रतीक बताया। उन्होंने डॉ. फ्रोली को वैश्विक स्तर पर भारतीय संस्कृति के प्रचार के लिए धन्यवाद दिया। यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब योग और आयुर्वेद को वैश्विक स्वास्थ्य नीतियों में शामिल करने की दिशा में प्रयास तेज हैं।
सोशल मीडिया और प्रतिक्रियाएं
बैठक की खबर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुई है, जहां लोग इसे सनातन संस्कृति के वैश्विक प्रसार का महत्वपूर्ण कदम बता रहे हैं। डॉ. फ्रोली के फैंस और हिंदू संगठनों ने मुलाकात की सराहना की है। यह घटना भारत की सांस्कृतिक डिप्लोमेसी को मजबूत करने वाली मानी जा रही है।
INPUT-ANANYA MISHRA










































