लखनऊ: उत्तर प्रदेश के दोनों उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक सोमवार सुबह लखनऊ से कोलकाता जाने वाली इंडिगो की फ्लाइट में तकनीकी खराबी के कारण करीब सवा घंटे तक फंसे रहे। फ्लाइट नंबर 6E505 सुबह 7:40 बजे रवाना होनी थी लेकिन खराबी आने पर यात्रियों के साथ दोनों डिप्टी सीएम भी विमान में ही बैठे रहे। समस्या दूर होने के बाद फ्लाइट 8:59 बजे कोलकाता के लिए रवाना हुई। दोनों नेता पश्चिम बंगाल में चुनाव प्रचार के लिए कोलकाता पहुंचे हैं जहां वे बीजेपी के कार्यक्रमों में शामिल होंगे। यह घटना हाल ही में केशव मौर्य के हेलीकॉप्टर वाली तकनीकी समस्या के बाद सरकारी यात्राओं में सुरक्षा पर फिर सवाल खड़े कर रही है।
घटना का विवरण
इंडिगो की फ्लाइट 6E505 लखनऊ के चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से कोलकाता के लिए निर्धारित थी। सुबह 7:40 बजे टेकऑफ होना था लेकिन उड़ान से पहले या टैक्सी के दौरान तकनीकी खराबी आ गई। विमान में सवार यात्रियों में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक भी शामिल थे। समस्या के कारण फ्लाइट को रोकना पड़ा और तकनीकी टीम ने मरम्मत की। करीब एक घंटे 20 मिनट बाद यानी 8:59 बजे फ्लाइट सफलतापूर्वक रवाना हुई। यात्रियों को विमान में ही इंतजार करना पड़ा लेकिन कोई घायल होने या बड़ा हादसा नहीं हुआ। इंडिगो ने यात्रियों को स्थिति की जानकारी दी और माफी मांगी।
यात्रा का उद्देश्य
दोनों डिप्टी सीएम पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव प्रचार के सिलसिले में कोलकाता जा रहे थे। वहां वे बीजेपी के चुनावी रैलियों, बैठकों और कार्यकर्ताओं से मिलने का कार्यक्रम है। यूपी सरकार के वरिष्ठ नेता होने के कारण उनकी यात्रा उच्च सुरक्षा के साथ हो रही है। फ्लाइट में फंसने की घटना से उनके कार्यक्रम में थोड़ी देरी हुई लेकिन वे समय पर कोलकाता पहुंच गए। यह यात्रा पश्चिम बंगाल में बीजेपी की रणनीति और यूपी-बंगाल राजनीतिक संबंधों के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
प्रतिक्रिया और संदर्भ
घटना के बाद एयरलाइंस ने तकनीकी जांच शुरू कर दी है ताकि भविष्य में ऐसी समस्या न आए। दोनों डिप्टी सीएम ने यात्रा के दौरान शांतिपूर्ण व्यवहार किया और यात्रियों के साथ सहयोग किया। यह घटना केशव प्रसाद मौर्य के हालिया हेलीकॉप्टर हादसे (जिसमें केबिन धुंए से भर गया था) के ठीक कुछ दिनों बाद हुई है जिससे सरकारी और निजी विमानन में रखरखाव पर सवाल उठ रहे हैं। प्रशासन ने कहा कि सभी सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन किया गया और कोई जोखिम नहीं था।













































