राजस्थान में चल रही जल जीवन मिशन योजना में बड़ी अनियमितताओं का मामला सामने आया है। एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने उदयपुर से चीफ इंजीनियर दिनेश गोयल को गिरफ्तार किया है। ACB का आरोप है कि गोयल ने योजना के तहत टेंडरों में गड़बड़ी की, फर्जी बिल पास कराए और कमीशन के जरिए ठेकेदारों को लाभ पहुंचाया। गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में कई अन्य नामों के भी खुलने की संभावना जताई जा रही है।
15 स्थानों पर एक साथ छापेमारी
एसीबी ने मंगलवार को राजस्थान और अन्य राज्यों में एक साथ 15 स्थानों पर छापेमारी की। इसमें दिल्ली, जयपुर, बाड़मेर, सीकर, जालौर, बिहार और झारखंड शामिल हैं। छापेमारी के दौरान दस्तावेज, डिजिटल डिवाइस, बैंक रिकॉर्ड और नकदी जब्त करने की कोशिश की गई। ACB का दावा है कि कई स्वीकृत परियोजनाओं में करोड़ों रुपये का फर्जीवाड़ा हुआ है।
घोटाले का पैटर्न सामने आया
जांच में पता चला कि जल जीवन मिशन के तहत पाइपलाइन, बोरिंग, टैंकर और अन्य कार्यों के टेंडरों में अनियमितताएं हुईं। फर्जी बिल, ओवर-इनवॉइसिंग और अधूरी कार्य की रिपोर्टें मिली हैं। चीफ इंजीनियर दिनेश गोयल पर इन सभी गड़बड़ियों में सक्रिय भूमिका निभाने का आरोप है। ACB ने कहा कि पूछताछ के दौरान कई ठेकेदारों और अधिकारियों के नाम सामने आए हैं।
योजना की विश्वसनीयता पर संकट
यह मामला राजस्थान में जल जीवन मिशन की विश्वसनीयता पर सवाल खड़ा कर रहा है। योजना का उद्देश्य हर घर तक नल के जरिए पानी पहुंचाना था, लेकिन कई क्षेत्रों में काम अधूरा या घटिया पाया गया। विपक्ष ने सरकार पर घोटाले का आरोप लगाया है, जबकि सत्ता पक्ष ने भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ी नीति अपनाने का दावा किया है।
आगे की जांच और संभावित गिरफ्तारियां
एसीबी ने कहा कि जांच अभी जारी है। गिरफ्तार चीफ इंजीनियर से विस्तृत पूछताछ की जा रही है। फरार ठेकेदारों और संदिग्धों की खोज तेज कर दी गई है। बरामद दस्तावेज और डिजिटल रिकॉर्ड की फॉरेंसिक जांच की जा रही है, और जल्द ही और गिरफ्तारियों की संभावना जताई जा रही है।














































