KGMU में यौन शोषण-धर्मांतरण कांड के बाद बड़ा एक्शन, परिसर से हटेंगी सभी अवैध मजारें, नोटिस चस्पा

UP: लखनऊ के प्रतिष्ठित किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (KGMU) में डॉ. रमीज से जुड़े यौन शोषण और जबरन धर्मांतरण (लव जिहाद) के गंभीर मामले ने तूल पकड़ लिया है। जांच के दौरान कैंपस में अवैध मजारों और अतिक्रमण की बात सामने आने के बाद अब प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। KGMU प्रशासन ने परिसर में बनी सभी अवैध मजारों पर नोटिस चस्पा कर दिया है, जिसमें जिम्मेदारों को 15 दिनों के अंदर इन्हें खुद हटाने का निर्देश दिया गया है। समयसीमा बीतने पर बुलडोजर एक्शन होगा और खर्च संबंधितों से वसूला जाएगा। यह कार्रवाई अवैध निर्माण और अतिक्रमण के खिलाफ है, जबकि पुरानी मान्यता प्राप्त संरचनाओं को छेड़ा नहीं जा रहा।

मामले की पृष्ठभूमि

KGMU में डॉ. रमीजुद्दीन (रमीज मलिक/रमीज उद्दीन नायक) पर छात्राओं को शादी का झांसा देकर यौन शोषण, गर्भपात करवाने और इस्लाम में जबरन धर्मांतरण के आरोप लगे हैं। मामला सामने आने के बाद STF को जांच सौंपी गई, आरोपी फरार है (इनाम घोषित), उसके परिवार को गिरफ्तार किया गया और प्रॉपर्टी अटैचमेंट की कार्रवाई हुई। जांच में PFI जैसे संगठनों के लिंक, विदेशी संपर्क और कैंपस में संदिग्ध गतिविधियों के सुराग मिले हैं। इसी संदर्भ में कैंपस में अवैध मजारों और अतिक्रमण पर फोकस बढ़ा, जिसे कुछ रिपोर्ट्स में धर्मांतरण मामले से जोड़ा जा रहा है।

Also Read: UP: BJP नेता अभिजात मिश्रा ने CM को लिखा पत्र, KGMU कैंपस से अवैध मजारें-मस्जिदें हटाने की मांग

नोटिस जारी होने का विवरण

KGMU प्रशासन ने शुक्रवार (23 जनवरी 2026) को परिसर में चिह्नित अवैध मजारों पर नोटिस चस्पा किए। नोटिस में स्पष्ट कहा गया है कि ये मजारें विश्वविद्यालय की भूमि पर बिना किसी वैध अनुमति के बनी हैं और इन्हें अतिक्रमण माना जा रहा है। जिम्मेदारों/संचालकों को 15 दिन (कुछ जगहों पर 7 से 15 दिन) का समय दिया गया है कि वे खुद इन्हें हटा लें। यदि नहीं हटाया गया तो:

  • पुलिस बल की मदद से बुलडोजर चलाकर हटाया जाएगा।
  •  कार्रवाई का पूरा खर्च संबंधितों से वसूला जाएगा।
  •  जिलाधिकारी और पुलिस आयुक्त को भी इसकी सूचना दी गई है।

यह कार्रवाई मुख्य रूप से अवैध निर्माण पर केंद्रित है, और रिपोर्ट्स के अनुसार पुरानी/मान्यता प्राप्त मजार (जैसे शाहमीना शाह वाली) को प्रभावित नहीं किया जा रहा।

संबंधित घटनाक्रम और प्रतिक्रियाएं

यह कदम बहराइच मेडिकल कॉलेज में अवैध मजारों को हटाए जाने के बाद आया है, जहां समान कार्रवाई हुई। X पर खबर तेजी से वायरल हुई, जहां विभिन्न यूजर्स और मीडिया हैंडल्स ने वीडियो और फोटो शेयर किए। कुछ पोस्ट्स में विरोध दर्ज किया गया (जैसे AIMIM की तरफ से), जबकि अन्य में इसे योगी सरकार की सख्ती और सरकारी संपत्ति की रक्षा के रूप में देखा जा रहा है। VHP जैसे संगठनों ने भी ऐसी कार्रवाइयों का समर्थन किया है।

(देश और दुनिया की खबरों के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, आप हमें ट्विटर पर भी फॉलो कर सकते हैं.)