इटावा : इटावा जिला आबकारी कार्यालय में तैनात हैडकांस्टेबल तहसीलदार सिंह को बुधवार दोपहर एंटी करप्शन टीम कानपुर ने 12 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। शराब दुकान लाइसेंसधारक उदय प्रताप सिंह से मासिक रिश्वत मांगने और लगातार उत्पीड़न की शिकायत पर यह कार्रवाई की गई। आरोपी को कानपुर ले जाकर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
आबकारी हैडकांस्टेबल रिश्वत लेते पकड़ा गया
इटावा। जिला आबकारी कार्यालय में तैनात हैडकांस्टेबल तहसीलदार सिंह को एंटी करप्शन टीम कानपुर नगर ने बुधवार दोपहर रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर लिया। टीम ने पीड़ित शराब दुकानदार को कलर लगाए 500-500 रुपये के नोट देकर ट्रैप लगाया और आरोपी को रंगे हाथों पकड़ लिया।
12 हजार रुपये मासिक रिश्वत की मांग
आरोपी हैडकांस्टेबल तहसीलदार सिंह पर कंपोजिट शराब दुकान धनुआ के लाइसेंसधारक उदय प्रताप सिंह से दुकान चलाने के एवज में 12 हजार रुपये प्रति माह रिश्वत मांगने का आरोप है। पीड़ित के अनुसार पिछले एक साल से आरोपी लगातार उन्हें परेशान कर रहा था। परेशान होकर उदय प्रताप सिंह ने विभाग में शिकायत दर्ज कराई थी।
एंटी करप्शन टीम की कार्रवाई
एंटी करप्शन टीम के प्रभारी निरीक्षक श्रीकृष्ण मोहन राय के नेतृत्व में टीम ने जाल बिछाया। हैडकांस्टेबल तहसीलदार सिंह को 12 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को सिविल लाइंस थाना इटावा ले जाकर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया। इसके बाद आरोपी को कानपुर ले जाया गया।
अधिकारियों की संलिप्तता का भी आरोप
पीड़ित उदय प्रताप सिंह ने आरोप लगाया है कि हैडकांस्टेबल तहसीलदार सिंह के साथ आबकारी विभाग के कुछ अधिकारियों की भी मिलीभगत है। एंटी करप्शन टीम के प्रभारी श्रीकृष्ण मोहन राय ने बताया कि आरोपी के बयान के आधार पर आगे की जांच की जाएगी और यदि अन्य अधिकारी संलिप्त पाए गए तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
विभाग में हड़कंप
इस घटना से आबकारी विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है। पूरे मामले की जांच चल रही है।
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