वाराणसी में बड़ा घूसकांड: सिगरा थाने की काशी विद्यापीठ चौकी इंचार्ज और सिपाही 20 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़े गए

वाराणसी (बनारस) के पॉश इलाके सिगरा थाना क्षेत्र की काशी विद्यापीठ चौकी में भ्रष्टाचार का बड़ा मामला सामने आया है। एंटी करप्शन टीम ने चौकी प्रभारी (सब-इंस्पेक्टर) शिवाकर मिश्रा और सिपाही गौरव कुमार द्विवेदी को 20 हजार रुपये की घूस लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। दोनों ने एक दहेज उत्पीड़न मामले में आरोपी का नाम प्राथमिकी से हटाने और फाइनल रिपोर्ट लगाने के बदले कुल 50 हजार रुपये मांगे थे, जिसमें से 20 हजार की पहली किस्त ली गई। यह कार्रवाई बुधवार शाम (28 जनवरी 2026) को हुई, जिससे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।

वाराणसी में भ्रष्टाचार निवारण संगठन (एंटी करप्शन ब्यूरो) की टीम ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। शिकायतकर्ता प्रह्लाद गुप्ता (या प्रहलाद) ने आरोप लगाया कि लालपुर-पांडेयपुर थाने में दर्ज दहेज उत्पीड़न (धारा 498A सहित अन्य) के मामले में उनका नाम शामिल था। सिगरा थाना अंतर्गत काशी विद्यापीठ चौकी के इंचार्ज सब-इंस्पेक्टर शिवाकर मिश्रा और उनके साथी सिपाही गौरव कुमार द्विवेदी ने नाम हटाने के लिए 50 हजार रुपये की डिमांड की। आरोपी पुलिसकर्मियों ने धमकी दी कि पैसे नहीं दिए तो धाराएं बढ़ाकर जेल भेज दिया जाएगा।

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शिकायत मिलने पर एंटी करप्शन टीम ने ट्रैप लगाया। इंस्पेक्टर सत्यवीर सिंह के नेतृत्व में टीम 28 जनवरी 2026 की शाम को काशी विद्यापीठ चौकी पहुंची। तय डील के अनुसार, 20 हजार रुपये की रकम आरोपी ने सिपाही गौरव कुमार को दी, जिसे लेते ही टीम ने दोनों को रंगे हाथ दबोच लिया। सिपाही के पास से नकद 20 हजार रुपये बरामद हुए। कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया कि सिपाही ने घबराहट में पैसे फेंककर भागने की कोशिश की, लेकिन टीम ने उसे भी हिरासत में ले लिया। चौकी में कार्रवाई के दौरान कुछ नोकझोंक भी हुई।

गिरफ्तार पुलिसकर्मियों को लालपुर-पांडेयपुर थाने ले जाकर पूछताछ की जा रही है। एंटी करप्शन टीम ने दोनों के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत केस दर्ज किया है। शिकायतकर्ता ने न्याय की मांग की है और कहा कि पुलिसकर्मी ऐसे मामलों में गरीबों को लूटते हैं।

यह घटना वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट के लिए शर्मिंदगी का सबब बनी है, क्योंकि सिगरा थाना शहर के सबसे प्रतिष्ठित इलाकों में से एक है और काशी विद्यापीठ चौकी विश्वविद्यालय परिसर के पास स्थित है। पुलिस महकमे ने कहा है कि जांच पूरी होने के बाद विभागीय कार्रवाई भी होगी। यह मामला यूपी में पुलिस में बढ़ते भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही मुहिम का हिस्सा माना जा रहा है, जहां हाल के महीनों में कई ऐसे ट्रैप सफल हुए हैं। जांच जारी है और बाकी आरोपियों की तलाश में टीम जुटी हुई है।

INPUT-ANANYA MISHRA

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