UP: आगामी 27 फरवरी को रिलीज होने वाली फिल्म ‘यादव जी की लव स्टोरी’ (Yadav ji Ki Love Story) को लेकर उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद और मैनपुरी जिलों में यादव समाज के संगठनों ने जोरदार विरोध शुरू कर दिया है। विश्व यादव परिषद और यादव महासभा ने फिल्म में यादव समुदाय को गलत और आपत्तिजनक तरीके से पेश करने का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को ज्ञापन सौंपा है। दोनों संगठनों ने फिल्म के प्रदर्शन पर तत्काल रोक लगाने और गहन जांच की मांग की है, अन्यथा सामाजिक वैमनस्य और तनाव फैलने की आशंका जताई है।
विश्व यादव परिषद का ज्ञापन और आरोप
फिरोजाबाद में विश्व यादव परिषद के प्रदेश अध्यक्ष राहुल यादव के नेतृत्व में स्थानीय प्रशासन को सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि फिल्म के पोस्टर, ट्रेलर और सोशल मीडिया प्रचार सामग्री में यादव समुदाय को जिस तरह से दर्शाया गया है, वह अत्यंत आपत्तिजनक और अपमानजनक है। इससे पूरे समाज की भावनाएं आहत हुई हैं और व्यापक रोष व्याप्त है। परिषद ने प्रशासन को आगाह किया है कि यदि बिना गहन जांच के फिल्म का प्रदर्शन किया जाता है, तो यह सामाजिक वैमनस्य और कानून-व्यवस्था को प्रभावित कर सकता है। उन्होंने मांग की है कि तत्काल प्राथमिकी दर्ज कर निष्पक्ष जांच हो और जांच पूरी होने तक फिल्म के प्रदर्शन पर रोक लगाई जाए।
मैनपुरी में यादव महासभा का मोर्चा
मैनपुरी में यादव महासभा ने भी फिल्म के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। यादव महासभा युवा के जिलाध्यक्ष इंजीनियर शुभम यादव के नेतृत्व में समाज के पदाधिकारियों और सदस्यों ने जिलाधिकारी अंजनी कुमार को ज्ञापन सौंपकर विरोध दर्ज कराया। उन्होंने भी फिल्म के प्रचार सामग्री में यादव समुदाय को गलत ढंग से पेश करने पर नाराजगी जताई। महासभा ने आशंका जताई कि बिना जांच के फिल्म रिलीज होने पर सामाजिक तनाव पैदा हो सकता है। उनकी मुख्य मांग भी यही है कि प्राथमिकी दर्ज कर निष्पक्ष जांच हो और जांच लंबित रहने तक फिल्म का प्रदर्शन रोका जाए। ज्ञापन सौंपने वालों में दीपू घुटारा, विकास यादव शालू, ओमराज यादव, शिवम यादव, रोहित यादव, अंजनी, सचिन आदि प्रमुख थे।
फिल्म के ट्रेलर-पोस्टर पर आपत्ति
दोनों संगठनों ने फिल्म के ट्रेलर और पोस्टर में यादव समाज को हास्यास्पद, घटिया और गलत तरीके से दिखाने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि यादव समाज की छवि को खराब करने वाली सामग्री से समुदाय की भावनाएं आहत हुई हैं। संगठनों ने कहा कि फिल्म में यादव समाज को जिस तरह से प्रस्तुत किया गया है, वह न केवल अपमानजनक है बल्कि सामाजिक सद्भाव को भी प्रभावित कर सकता है।
प्रशासन से मांग और चेतावनी
विरोध करने वाले संगठनों ने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि फिल्म बिना जांच के रिलीज होती है तो सामाजिक तनाव और वैमनस्य की स्थिति पैदा हो सकती है। दोनों संगठनों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अपील की है कि वे इस मामले में हस्तक्षेप करें और फिल्म के प्रदर्शन पर रोक लगवाएं। यदि मांग नहीं मानी गई तो बड़े स्तर पर आंदोलन और प्रदर्शन की चेतावनी भी दी गई है।
फिल्म और विवाद का संदर्भ
फिल्म ‘यादव जी की लव स्टोरी’ एक रोमांटिक कॉमेडी है, लेकिन ट्रेलर और प्रचार सामग्री में यादव समाज को जिस तरह से दिखाया गया है, उससे समाज के एक वर्ग में रोष है। यादव समाज के संगठनों का कहना है कि फिल्म यादवों को हास्य का पात्र बनाकर उनकी छवि खराब कर रही है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है और फिल्म पर रोक लगती है या नहीं।












































