मेरठ: मेरठ के जिलाधिकारी (डीएम) और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) ने सार्वजनिक शांति और सामाजिक सद्भाव बनाए रखने के लिए दो बड़े सख्त आदेश जारी किए हैं।
पहला आदेश: बिना अनुमति किसी भी संत-महापुरुष या किसी भी व्यक्ति की प्रतिमा स्थापना पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।
दूसरा आदेश: सार्वजनिक स्थानों तथा वाहनों पर जाति विशेष के नाम के स्टीकर लगाने, लिखने या जाति का महिमामंडन करने वाले बोर्ड लगाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है।
पहला आदेश: बिना अनुमति किसी भी संत-महापुरुष या किसी भी व्यक्ति की प्रतिमा स्थापना पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।
दूसरा आदेश: सार्वजनिक स्थानों तथा वाहनों पर जाति विशेष के नाम के स्टीकर लगाने, लिखने या जाति का महिमामंडन करने वाले बोर्ड लगाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है।
उल्लंघन पर कार्रवाई
यदि कोई व्यक्ति या संगठन इन आदेशों का उल्लंघन करता पाया गया तो संबंधित वाहन का चालान किया जाएगा, बोर्ड को तुरंत हटवाया जाएगा और दोषी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस इंटरनेट मीडिया (सोशल मीडिया) पर भी सतर्क निगरानी रख रही है।
यदि कोई व्यक्ति या संगठन इन आदेशों का उल्लंघन करता पाया गया तो संबंधित वाहन का चालान किया जाएगा, बोर्ड को तुरंत हटवाया जाएगा और दोषी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस इंटरनेट मीडिया (सोशल मीडिया) पर भी सतर्क निगरानी रख रही है।
पृष्ठभूमि
यह फैसला 29 मार्च को सकौती क्षेत्र में एक महापुरुष की प्रतिमा अनावरण कार्यक्रम के दौरान हुए हंगामे के बाद लिया गया है। उस कार्यक्रम में जाति के नाम का बोर्ड लगाए जाने को लेकर दिनभर विरोध प्रदर्शन और तनाव की स्थिति बनी रही थी। डीएम और एसएसपी ने स्पष्ट कहा है कि ऐसे कार्यक्रमों या गतिविधियों से सामाजिक तनाव बढ़ता है, इसलिए अब बिना पूर्व अनुमति के किसी भी प्रकार की प्रतिमा स्थापना या जातिगत बोर्ड-स्टीकर लगाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
यह फैसला 29 मार्च को सकौती क्षेत्र में एक महापुरुष की प्रतिमा अनावरण कार्यक्रम के दौरान हुए हंगामे के बाद लिया गया है। उस कार्यक्रम में जाति के नाम का बोर्ड लगाए जाने को लेकर दिनभर विरोध प्रदर्शन और तनाव की स्थिति बनी रही थी। डीएम और एसएसपी ने स्पष्ट कहा है कि ऐसे कार्यक्रमों या गतिविधियों से सामाजिक तनाव बढ़ता है, इसलिए अब बिना पूर्व अनुमति के किसी भी प्रकार की प्रतिमा स्थापना या जातिगत बोर्ड-स्टीकर लगाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
प्रशासन का संदेश
प्रशासन का कहना है कि यह कदम जातिगत वैमनस्य को बढ़ावा देने वाली गतिविधियों पर अंकुश लगाने और जिले में शांति-व्यवस्था बनाए रखने के लिए उठाया गया है। सभी नागरिकों से अपील की गई है कि वे इन निर्देशों का पालन करें और किसी भी प्रकार की अफवाह या उकसावे वाली सामग्री सोशल मीडिया पर न फैलाएं।
प्रशासन का कहना है कि यह कदम जातिगत वैमनस्य को बढ़ावा देने वाली गतिविधियों पर अंकुश लगाने और जिले में शांति-व्यवस्था बनाए रखने के लिए उठाया गया है। सभी नागरिकों से अपील की गई है कि वे इन निर्देशों का पालन करें और किसी भी प्रकार की अफवाह या उकसावे वाली सामग्री सोशल मीडिया पर न फैलाएं।















































