राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत (Mohan Bhagwat) 19 फरवरी 2026 की रात मेरठ पहुंचे हैं। वे RSS की स्थापना के शताब्दी वर्ष (2025-2026) के उपलक्ष्य में दो दिवसीय संवाद कार्यक्रमों में शामिल होने आए हैं। कार्यक्रम 20 और 21 फरवरी को शताब्दीनगर स्थित माधवकुंज (RSS आश्रम) में आयोजित हो रहे हैं। आज (20 फरवरी) वे मेरठ और ब्रज प्रांत के लगभग 500 से अधिक खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और खेल जगत की हस्तियों से संवाद करेंगे। कार्यक्रम में राजनीतिक नेताओं से कोई मुलाकात या भागीदारी नहीं है, फोकस पूरी तरह सामाजिक और खेल क्षेत्र पर है। जेड प्लस सुरक्षा के चलते मेरठ में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था लागू है।
मेरठ पहुंचने का विवरण और सुरक्षा चुनौती
मोहन भागवत लखनऊ से वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन से मेरठ सिटी स्टेशन पहुंचे। रात करीब 9 बजे वे स्टेशन पर उतरे और कार से दिल्ली रोड होते हुए शताब्दीनगर के माधवकुंज पहुंचे। यात्रा के दौरान हरदोई के कौढ़ा गांव के पास ट्रेन पर पथराव हुआ, जिसमें कोच C4 की खिड़की का शीशा टूट गया। मोहन भागवत सुरक्षित रहे – उन्हें दूसरे कोच में शिफ्ट कर दिया गया था। पुलिस ने बच्चों द्वारा क्रिकेट खेलते हुए पत्थर फेंकने की प्रारंभिक जांच की है। घटना के बाद RPF और GRP ने जांच शुरू की है। माधवकुंज में ठहराव के दौरान जेड प्लस सुरक्षा के तहत भारी पुलिस बल तैनात है, और पूरे क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी गई है।
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खिलाड़ियों से संवाद
20 फरवरी को माधवकुंज के सामने मैदान में लगे हैंगर में संवाद गोष्ठी होगी। इसमें मेरठ और ब्रज प्रांत (28 जिलों) के 18 वर्ष से अधिक उम्र के करीब 500 खिलाड़ी और प्रशिक्षक शामिल होंगे। प्रमुख नामों में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर सुरेश रैना, भुवनेश्वर कुमार, प्रवीण कुमार, अर्जुन पुरस्कार विजेता अलका तोमर आदि शामिल हैं। कार्यक्रम दोपहर 12 बजे से शाम 5-6 बजे तक चलेगा, जिसमें खिलाड़ी अपने अनुभव साझा करेंगे और प्रश्न पूछेंगे। यह RSS प्रमुख का खिलाड़ियों से पहला ऐसा बड़ा सीधा संवाद है। मोहन भागवत मेरठ के खेल उत्पादों (जैसे क्रिकेट बैट, हॉकी स्टिक आदि) की सराहना भी कर चुके हैं और खेल को राष्ट्र निर्माण से जोड़ने पर जोर देंगे।
कल का कार्यक्रम और कुल प्रवास
21 फरवरी को मेरठ और ब्रज प्रांत के प्रबुद्धजनों (बुद्धिजीवी, डॉक्टर, वकील, व्यापारी, इंजीनियर, चार्टर्ड अकाउंटेंट, NGO आदि) से संवाद होगा। यह कार्यक्रम भी माधवकुंज में ही होगा। कुल मिलाकर, प्रवास RSS के शताब्दी वर्ष में विभिन्न वर्गों से संवाद का हिस्सा है, जो सामाजिक एकता और राष्ट्र निर्माण पर फोकस करता है। राजनीतिक मुलाकातों से दूरी बनाए रखी गई है, ताकि कार्यक्रम अपोलिटिकल रहे।










































