मेरठ में धागा कारोबारी से 20 लाख रुपये की रंगदारी वसूलने के मामले में फरार चल रहे दो दरोगाओं को पुलिस ने प्रयागराज से गिरफ्तार कर लिया है। दोनों दरोगा पिछले 10 दिनों से फरार थे और शुक्रवार को हाईकोर्ट में अपील दाखिल करने के लिए प्रयागराज पहुंचे थे। मेरठ पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि दोनों आरोपी एक वकील से मिलने जा रहे हैं। सूचना मिलते ही मेरठ पुलिस की विशेष टीम प्रयागराज पहुंच गई और वकील के चेंबर के बाहर दोनों को घेर लिया।
गिरफ्तारी का पूरा घटनाक्रम
शुक्रवार शाम जैसे ही दरोगा लोकेंद्र साहू और महेश गंगवार वकील के चेंबर में पहुंचे, मेरठ पुलिस ने उन्हें घेर लिया। दोनों ने भागने की कोशिश की लेकिन पुलिसकर्मियों ने दौड़ाकर उन्हें पकड़ लिया। गिरफ्तारी के समय दोनों के पास से कुछ दस्तावेज और मोबाइल फोन बरामद हुए हैं। पुलिस ने दोनों को मेरठ लाकर पूछताछ शुरू कर दी है। दोनों लोहियानगर थाने में तैनात थे और कारोबारी को झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देकर 20 लाख रुपये ऐंठे थे।
मामले की पृष्ठभूमि
मामला कुछ दिनों पहले का है जब लोहियानगर थाने के दरोगा लोकेंद्र साहू और महेश गंगवार ने एक धागा कारोबारी को अगवा कर झूठे मुकदमे और एनकाउंटर की धमकी देकर 20 लाख रुपये की रंगदारी वसूली थी। कारोबारी ने उच्च अधिकारियों से शिकायत की तो मामला सामने आया। जांच में आरोप सही पाए गए और दोनों दरोगाओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। लेकिन दोनों फरार हो गए थे। पुलिस को इनपुट मिला कि दोनों प्रयागराज में एक वकील से मिलकर हाईकोर्ट में अपील दाखिल करने की तैयारी में हैं। इसी सूचना के आधार पर मेरठ पुलिस की टीम प्रयागराज पहुंची और दोनों को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस की कार्रवाई
मेरठ पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि दोनों दरोगाओं की गिरफ्तारी से मामले में बड़ी सफलता मिली है। अब दोनों से गहन पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता चल सके कि क्या उन्होंने पहले भी ऐसी रंगदारी वसूली है या अन्य मामलों में भी शामिल हैं। गिरफ्तारी के बाद दोनों को कोर्ट में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस ने कहा कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
कारोबारी और इलाके में राहत
पीड़ित कारोबारी ने गिरफ्तारी पर राहत जताई है। उन्होंने कहा कि अब उम्मीद है कि न्याय मिलेगा और ऐसे पुलिसकर्मियों पर लगाम लगेगी। इलाके में लोग इस गिरफ्तारी से खुश हैं और पुलिस की तारीफ कर रहे हैं। कई लोग कह रहे हैं कि पुलिस की वर्दी में ऐसे लोग समाज में डर फैला रहे थे, अब उम्मीद है कि कार्रवाई से सुधार होगा।
पुलिस विभाग में हड़कंप
यह गिरफ्तारी पुलिस विभाग में हड़कंप मचा रही है। वरिष्ठ अधिकारियों ने दोनों दरोगाओं के खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कर दी है। एसएसपी मेरठ ने कहा है कि भ्रष्टाचार और रंगदारी के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति है और दोषी पाए जाने पर किसी भी पुलिसकर्मी के साथ कोई नरमी नहीं बरती जाएगी।
INPUT-ANANYA MISHRA











































