UGC विवाद में टकराव नहीं, समाधान की पहल, योगी से संवाद में दिखी विधायक राजेश त्रिपाठी की रणनीति

चिल्लूपार विधानसभा क्षेत्र से विधायक राजेश त्रिपाठी ने बुड़वा मंगल के पावन अवसर पर बाबा गुरु गोरखनाथ जी के दर्शन किए और इसके उपरांत गोरक्षपीठाधीश्वर एवं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से शिष्टाचार भेंट की। इस भेंट के दौरान मुख्यमंत्री के स्नेहिल सानिध्य में भोजन-प्रसाद भी हुआ और जनहित से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर सौहार्दपूर्ण बातचीत हुई।

विधायक राजेश त्रिपाठी ने इस मुलाकात से जुड़ी तस्वीरें और भाव अपने सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से साझा किए। उन्होंने लिखा कि बड़े-बुज़ुर्गों की सीख है कि जब कोई बात गंभीर भी हो और आपत्तिजनक भी, तो उसे जिम्मेदार व्यक्तित्व के जरिए जिम्मेदार फोरम तक पहुंचाया जाना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि विकास, यूजीसी (UGC) और एसआईआर (SIR) जैसे मुद्दों को लेकर उनकी मांग, सुझाव और आपत्तियां उन्होंने सार्वजनिक मंच पर नहीं, बल्कि संगठनात्मक और संवैधानिक फोरम के माध्यम से ही रखी हैं।

विधायक ने अपने पोस्ट में यह भी उल्लेख किया कि उन्होंने अपने जनपद के सभी माननीय विधायक साथियों और संगठनात्मक जिम्मेदारों के साथ मिलकर इन विषयों पर संवाद किया है। उनका कहना था कि जनहित से जुड़े मुद्दों को राजनीति या टकराव का विषय बनाने के बजाय संवाद और समन्वय के रास्ते से सुलझाया जाना चाहिए।

पोस्ट में विधायक राजेश त्रिपाठी ने तस्वीरों का प्रतीकात्मक उल्लेख करते हुए लिखा कि “तस्वीरें भी बोलती हैं, बस उन्हें पढ़ने वाली आंख चाहिए।” उनका इशारा इस ओर था कि मुख्यमंत्री से हुई यह मुलाकात केवल औपचारिकता नहीं थी, बल्कि इसके पीछे विकास, प्रशासनिक समन्वय और जनसमस्याओं के समाधान को लेकर गंभीर मंशा थी।

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राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में इस मुलाकात को चिल्लूपार क्षेत्र के विकास के लिहाज से एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, इस दौरान क्षेत्र की आधारभूत सुविधाओं, शिक्षा से जुड़े मुद्दों, प्रशासनिक प्रक्रियाओं और कुछ नीतिगत विषयों पर भी चर्चा हुई। हालांकि आधिकारिक तौर पर बातचीत के एजेंडे का विवरण सामने नहीं आया है, लेकिन विधायक के पोस्ट से यह स्पष्ट होता है कि उन्होंने जनहित से जुड़े विषयों को जिम्मेदार मंच पर रखने का प्रयास किया है।

विधायक राजेश त्रिपाठी की यह पहल ऐसे समय में सामने आई है, जब विकास, शिक्षा और प्रशासनिक सुधारों को लेकर प्रदेशभर में बहस चल रही है। उनके इस रुख को संगठनात्मक अनुशासन, संवाद की परंपरा और नेतृत्व के प्रति विश्वास के रूप में भी देखा जा रहा है।

कुल मिलाकर, बुड़वा मंगल के दिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से हुई यह भेंट न केवल धार्मिक और सांस्कृतिक भावनाओं से जुड़ी रही, बल्कि इसके माध्यम से चिल्लूपार क्षेत्र और प्रदेशहित से जुड़े मुद्दों पर सकारात्मक संवाद का संदेश भी गया।

INPUT-ANANYA MISHRA

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