मुजफ्फरनगर: नया मोबाइल नहीं मिलने पर विवाहिता ने फांसी लगाकर दी जान 

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले के मीरापुर थाना क्षेत्र के खेड़ी सराय गांव में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। 24 वर्षीय विवाहिता राधिका (उर्फ खुशनुमा) ने पति से नया मोबाइल फोन मांगने पर विवाद होने के बाद घर के पशुओं के बाड़े में छत के कुंदे से रस्सी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के समय उसका दो साल का बेटा वंश फंदे के नीचे खड़ा रोता रहा। पड़ोस की महिला ऊषा ने बच्चे की रोने की आवाज सुनकर मौके पर पहुंची, तो राधिका फंदे पर लटकी हुई मिली। परिवार ने तुरंत उसे नीचे उतारा, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी।

विवाद की वजह और पृष्ठभूमि

राधिका के पति आशीष कपड़ों की फेरी लगाने के सिलसिले में डेढ़ माह पहले उड़ीसा चले गए थे। गुरुवार शाम राधिका ने फोन पर पति से बात की और नया मोबाइल फोन के लिए 10 हजार रुपये मांगे। आशीष ने आर्थिक तंगी बताते हुए 2 हजार रुपये ऑनलाइन भेजे और कुछ दिन बाद फोन दिलाने का आश्वासन दिया। इस बात से राधिका काफी आहत हुई। शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे, जब सास प्रेमो जंगल गई हुई थीं, राधिका ने पशुओं के बाड़े में जाकर फंदा लगा लिया। तीन साल पहले आशीष ने राधिका से प्रेम विवाह किया था।

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परिवार और गांव में सदमा

घटना के बाद पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। परिवार सदमे में डूबा है, और परिजन रोते-बिलखते बच्चे की मौत पर विलाप कर रहे हैं। सास प्रेमो ने बताया कि बहू कभी ऐसी बात नहीं करती थी, लेकिन मोबाइल फोन की जिद पर यह कदम उठा लिया। दो साल का मासूम बेटा मां को फंदे पर लटका देखकर लगातार रोता रहा, जो घटना को और भी दर्दनाक बनाता है। पड़ोसियों ने कहा कि छोटी-छोटी बातों पर मानसिक तनाव बढ़ रहा है, और परिवारों को ऐसे मामलों में काउंसलिंग की जरूरत है।

पुलिस कार्रवाई

मीरापुर थाने के इंस्पेक्टर राजीव शर्मा ने मौके पर पहुंचकर शव का पंचनामा किया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में आत्महत्या की पुष्टि हुई है, लेकिन परिवार से और पूछताछ की जा रही है। यह घटना एक बार फिर छोटी-छोटी घरेलू बातों पर मानसिक दबाव और आत्महत्या के बढ़ते मामलों को उजागर करती है। विशेषज्ञों का कहना है कि आर्थिक तंगी, मोबाइल/सोशल मीडिया की लत और पारिवारिक संवाद की कमी ऐसे कदमों को बढ़ावा दे रही है। परिवार के लिए यह अपूरणीय क्षति है, और समाज में जागरूकता की जरूरत है।

INPUT-ANANYA MISHRA

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