दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के वाणिज्य विभाग द्वारा भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICSSR) के सहयोग से “भारत में जीएसटी: उपलब्धियाँ, चुनौतियाँ और आगे की राह”विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी का उद्देश्य वस्तु एवं सेवा कर (GST) की उपलब्धियों, चुनौतियों तथा भविष्य की संभावनाओं पर अकादमिक एवं व्यावहारिक दृष्टिकोण से विचार-विमर्श करना था। कार्यक्रम में विभिन्न विश्वविद्यालयों एवं संस्थानों के शिक्षाविदों, कर विशेषज्ञों, चार्टर्ड अकाउंटेंट्स, शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों ने सक्रिय भागीदारी की।
उद्घाटन सत्र श्री महायोगी गुरु श्री गोरक्षनाथ शोध पीठ में आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारम्भ दीप प्रज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ हुआ। विभागाध्यक्ष प्रो. एस. वी. पाठक ने स्वागत भाषण देते हुए संगोष्ठी के उद्देश्य एवं इसकी प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर विभाग द्वारा प्रकाशित अंतरराष्ट्रीय पीयर-रिव्यूड जर्नल “Frontiers in Commerce and Management” तथा संगोष्ठी की स्मारिका का विमोचन किया गया। यह क्षण विभाग के लिए ऐतिहासिक रहा क्योंकि पहली बार वाणिज्य विभाग का अंतरराष्ट्रीय जर्नल प्रकाशित किया गया।
मुख्य अतिथि सी. पी. अग्रवाल तथा विशिष्ट अतिथि आदित्य भारती ने जीएसटी के आर्थिक महत्व पर अपने विचार व्यक्त किए। मुख्य वक्ता प्रो. अजय कुमार सिंह ने जीएसटी की वर्तमान स्थिति, नीतिगत सुधारों एवं कर प्रशासन में डिजिटल प्रणाली की भूमिका पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने की। उद्घाटन सत्र का समापन सह-संयोजक प्रो. राजीव प्रभाकर द्वारा प्रस्तुत धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।
इसके पश्चात आयोजित तकनीकी सत्रों में कुल 75 शोध-पत्रों की प्रस्तुति हुई।
तकनीकी सत्र–I का विषय “GST: प्रगति एवं उपलब्धियां” था, जिसमें 51 शोध-पत्र प्रस्तुत किए गए। इस सत्र के सत्र समन्वयक प्रो. आर. पी. सिंह तथा सह-समन्वयक डॉ. हर्ष देव वर्मा थे। विशेषज्ञ वक्ताओं सुश्री प्रियंका अग्रवाल (AC, SGST) एवं सी.ए. नितिन श्रीवास्तव ने जीएसटी की प्रगति, राजस्व वृद्धि तथा ई-इनवॉइसिंग एवं डिजिटलकरण की भूमिका पर अपने विचार साझा किए।
तकनीकी सत्र–II का विषय “GST की चुनौतियां एवं सीमाएं” था, जिसमें 24 शोध-पत्रों की प्रस्तुति हुई। इस सत्र के सत्र समन्वयक प्रो. ए. के. गुप्ता तथा सह-समन्वयक डॉ. प्रतिमा जायसवाल थे। विशेषज्ञ वक्ताओं श्री अभिषेक पांडे (AC, SGST) एवं सी.ए. शिशिर दुबे ने जीएसटी से जुड़ी व्यावहारिक चुनौतियों, कर दरों के सरलीकरण, डिजिटल अवसंरचना तथा रिटर्न दाखिल करने की जटिलताओं पर चर्चा की।
कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र का समन्वय डॉ. सारिका गुप्ता द्वारा किया गया तथा तकनीकी सत्रों का संचालन एवं मार्गदर्शन प्रो. ए. के. गुप्ता एवं डॉ. अंशु गुप्ता के नेतृत्व में संपन्न हुआ। संगोष्ठी के सफल आयोजन में वाणिज्य संकाय एवं बैंकिंग एवं इंश्योरेंस विभाग के संकाय सदस्यों—डॉ. अभिषेक कुमार, डॉ. खुश्नू वर्मा, डॉ. अंशिका मिश्रा, डॉ. फ़िरोज़ा, डॉ. ममता तथा डॉ. आनंदवर्धन—ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
INPUT-ANANYA MISHRA
















































