नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (NCERT) ने मंगलवार को क्लास 8 की सोशल साइंस किताब में शामिल एक चैप्टर को लेकर बिना शर्त माफी मांगी है। यह चैप्टर ज्यूडिशियल करप्शन और न्यायिक प्रणाली की चुनौतियों को लेकर था। NCERT ने बताया कि किताब को पूरी तरह से वापस ले लिया गया है और अब यह उपलब्ध नहीं है।
विवादास्पद चैप्टर पर सुप्रीम कोर्ट की नाराजगी
क्लास 8 की किताब ‘एक्सप्लोरिंग सोसाइटी: इंडिया एंड बियॉन्ड’ के चैप्टर 4 में ज्यूडिशियरी के कामकाज और भ्रष्टाचार पर चर्चा की गई थी। भारत के चीफ जस्टिस एनवी रमन की अगुआई वाली तीन जजों की बेंच ने इसे ‘आपत्तिजनक’ बताया और संज्ञान लिया। वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल और अभिषेक सिंघवी ने मामले को तत्काल विचार के लिए सुप्रीम कोर्ट में पेश किया था।
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न्यायपालिका की ईमानदारी पर कोर्ट का कड़ा रुख
CJI सूर्यकांत ने स्पष्ट कहा कि किसी भी व्यक्ति या संस्था को न्यायपालिका की प्रतिष्ठा को धूमिल करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। सुप्रीम कोर्ट ने क्लास 8 की किताब के किसी भी पुनर्मुद्रण, प्रकाशन या डिजिटल वितरण पर पूरी तरह रोक लगा दी। कोर्ट ने इसे गंभीर मामला बताते हुए इस तरह के कंटेंट को सार्वजनिक करने से रोका।
केंद्र सरकार ने की कार्रवाई का वादा
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने विवादित सेक्शन को किताब में शामिल करने पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि दोषियों की जवाबदेही तय की जाएगी और इस किताब के ड्राफ्टिंग और समीक्षा में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। NCERT ने इस घटनाक्रम के बाद तुरंत कदम उठाते हुए किताब वापस लेने और माफी देने का फैसला किया।
















































