नई दिल्ली। भारत और अमेरिका के बीच हुए हालिया व्यापार समझौते के बाद अमेरिका ने भारतीय सामानों पर लगने वाले पारस्परिक टैरिफ को 25% से घटाकर 18% कर दिया है। कुछ रिपोर्ट्स में इसे पहले के 50% (पेनल्टी सहित) से कम करके 18% बताया गया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इसे ‘मेड इन इंडिया’ उत्पादों के लिए बड़ी राहत बताया है और कहा है कि इससे भारत के निर्यात में तेजी आएगी।
समझौते की मुख्य बातें
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर बातचीत के बाद इस समझौते की घोषणा की। ट्रंप ने इसे “दोस्ती और सम्मान” पर आधारित बताया। अमेरिका ने भारतीय निर्यात पर अतिरिक्त पेनल्टी टैरिफ हटाया और कुल दर को 18% पर ला दिया। इससे भारतीय उत्पाद वियतनाम (20%), बांग्लादेश (20%), इंडोनेशिया (19%) और चीन (उच्च दरों) से सस्ते हो जाएंगे। भारत की ओर से कुछ अमेरिकी उत्पादों पर टैरिफ कम करने या जीरो करने की संभावना है, लेकिन रूसी तेल खरीद रोकने जैसी कोई पुष्टि नहीं हुई है।
निर्मला सीतारमण ने एक्स पर पोस्ट किया
“मेड इन इंडिया उत्पादों के लिए अच्छी खबर। अब उन पर 18% टैरिफ लगेगा। पीएम नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप के नेतृत्व के लिए धन्यवाद। हमारी दो बड़ी लोकतंत्रों के लोगों को फायदा होगा।”
समाचार एजेंसी से बातचीत में उन्होंने कहा
“अमेरिकी टैरिफ में कमी बहुत अच्छी खबर है। भारत के निर्यात अब रफ्तार पकड़ेंगे।”
उन्होंने इसे ‘मेड इन इंडिया’ पहल के लिए बड़ा बूस्ट बताया। मंत्री ने जोर दिया कि यह समझौता निर्यात क्षेत्रों जैसे टेक्सटाइल, फार्मास्यूटिकल्स, इंजीनियरिंग गुड्स, सीफूड, जेम्स एंड ज्वेलरी में मजबूती देगा।
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निर्यात पर संभावित प्रभाव
– अमेरिका भारत के कुल निर्यात का करीब 20-21% हिस्सा लेता है।
– टैरिफ कटौती से भारतीय उत्पादों की कीमत प्रतिस्पर्धी बनेगी, जिससे ऑर्डर बढ़ सकते हैं।
– एसोसिएशन जैसे ASSOCHAM और SEAI (सीफूड एक्सपोर्टर्स) ने कहा कि इससे टेक्सटाइल, हैंडीक्राफ्ट्स, लेदर और सीफूड निर्यात में तेज रिकवरी होगी।
– बाजार में असर: रुपया मजबूत हुआ, शेयर बाजार में तेजी आई।
– विशेषज्ञों का मानना है कि यह भारत को क्षेत्रीय प्रतिस्पर्धियों से आगे रखेगा और निर्यात विकास को नई गति देगा।
चुनौतियां और आगे की राह
कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि भारत ने अमेरिकी आयात पर कुछ राहत दी है, जिससे पहले का लाभ थोड़ा संतुलित हो सकता है। लेकिन कुल मिलाकर यह सकारात्मक कदम है। वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि बजट 2026 में कस्टम ड्यूटी कटौती अमेरिकी मुद्दों से जुड़ी नहीं थी, बल्कि पहले से योजना थी।
यह समझौता भारत-अमेरिका के आर्थिक रिश्तों को मजबूत करने और ट्रेड बैलेंस सुधारने की दिशा में अहम है।
INPUT-ANANYA MISHRA












































