Noida Airport: जेवर एयरपोर्ट को कंडीशनल सिक्योरिटी क्लीयरेंस, DGCA के अंतिम निरीक्षण का रास्ता साफ

Noida Airport: नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर एयरपोर्ट) को बड़ी सफलता मिली है। ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी (BCAS) ने एयरपोर्ट को कंडीशनल सिक्योरिटी क्लीयरेंस जारी कर दी है। यह क्लीयरेंस एयरपोर्ट के सुरक्षा मानकों को पूरा करने के बाद मिली है। अब डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) अंतिम निरीक्षण कर सकता है। क्लीयरेंस मिलने के बाद एयरपोर्ट का व्यावसायिक संचालन शुरू करने की राह और आसान हो गई है। जेवर एयरपोर्ट की पहली फेज क्षमता 12 मिलियन यात्रियों की होगी और 2025 के अंत तक उड़ानें शुरू होने की उम्मीद है।

BCAS से मिली कंडीशनल क्लीयरेंस

ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी (BCAS) ने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (NIAL) को कंडीशनल सिक्योरिटी क्लीयरेंस जारी कर दी है। यह क्लीयरेंस एयरपोर्ट के सुरक्षा ढांचे, परिधि सुरक्षा, एक्सेस कंट्रोल, सीआईएसएफ तैनाती, बैगेज स्क्रीनिंग सिस्टम और अन्य सुरक्षा मानकों की जांच के बाद दी गई है। कंडीशनल होने का मतलब है कि कुछ छोटी-मोटी सुधारों के बाद पूर्ण क्लीयरेंस मिल जाएगी। BCAS ने रिपोर्ट में एयरपोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था को काफी मजबूत बताया है।

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DGCA का अंतिम निरीक्षण बाकी

सिक्योरिटी क्लीयरेंस मिलने के बाद अब डीजीसीए (DGCA) एयरपोर्ट का अंतिम ऑपरेशनल और सेफ्टी निरीक्षण करेगा। इसमें रनवे, टैक्सीवे, एप्रन, टर्मिनल बिल्डिंग, एटीसी टावर, फायर सर्विस, नेविगेशन सिस्टम और अन्य सुविधाओं की जांच होगी। DGCA की टीम जल्द ही जेवर पहुंचकर निरीक्षण करेगी। निरीक्षण सफल होने पर एयरलाइंस को एयर ऑपरेटर सर्टिफिकेट जारी किया जा सकेगा और व्यावसायिक उड़ानें शुरू हो सकेंगी।

एयरपोर्ट की प्रगति और समयसीमा

जेवर एयरपोर्ट की पहली फेज में एक टर्मिनल, 1 रनवे और 12 मिलियन यात्रियों की सालाना क्षमता होगी। अभी तक 90% से अधिक काम पूरा हो चुका है। एयरपोर्ट अथॉरिटी और NIAL का लक्ष्य है कि 2025 के अंत तक या 2026 की शुरुआत में पहली उड़ान हो जाए। दिल्ली-एनसीआर का दूसरा बड़ा एयरपोर्ट होने के कारण यह दिल्ली एयरपोर्ट पर बढ़ते दबाव को कम करेगा और उत्तर भारत के लिए नया हब बनेगा।

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सुरक्षा और अन्य क्लीयरेंस

BCAS की क्लीयरेंस मिलने से पहले एयरपोर्ट को पर्यावरण, वन, नगर नियोजन और अन्य विभागों से भी क्लीयरेंस मिल चुकी हैं। अब मुख्य फोकस DGCA के निरीक्षण और एयरलाइंस के साथ स्लॉट आवंटन पर है। कई एयरलाइंस (इंडिगो, एयर इंडिया, स्पाइसजेट आदि) ने जेवर से उड़ानें शुरू करने में रुचि दिखाई है।यह क्लीयरेंस जेवर एयरपोर्ट प्रोजेक्ट के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्र सरकार ने इस प्रोजेक्ट को तेजी से पूरा करने पर जोर दिया है। अब सभी की नजरें DGCA के निरीक्षण और अंतिम तारीख पर टिकी हैं।

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