उत्तर प्रदेश सरकार के पूर्व कैबिनेट मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर (Om Prakash Rajbhar) ने योगी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। सुभासपा अध्यक्ष ने ट्वीट कर कहा कि मनरेगा के नाम पर जहां एक ओर बड़े पैमाने पर धांधली करके सरकारी योजनाओं के लाभ से पात्र श्रमिकों को वंचित किया जा रहा है। वहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा 90 दिन के काम के एवज में 5 लाख का बीमा श्रमिकों और गरीब मजदूरों के साथ छलावा मात्र है, यह सरकार के दोहर चरित्र को दर्शाता है।
ओम प्रकाश राजभर (Om Prakash Rajbhar) ने ट्वीट कर कहा कि गांव में 40% जॉब कार्ड प्रधानों द्वारा अपने खास एवं शुभचिंतकों के नाम पर बनवाया गया है और खाते भी उन्हीं के एक्टिव हैं, 60% जॉब कार्ड धारकों का खाता डेड है, गांव में मनरेगा के नाम पर काम नहीं है, जो काम बचा भी है उसे प्रधानों द्वारा जेसीबी से कराया जा रहा है। इसलिए सरकार द्वारा निशुल्क दिया जाने वाला राशन और अन्य सुविधाएं भी सीधे ऐसे ही अपात्रों को मिल रहा है। आखिर गरीब मजदूर कहां जाए। इतने संवेदनशील मुद्दे पर सरकार का मौन रहना गरीबों के साथ छलावा है। आखिर कब तक यूं ही यह खेल चलता रहेगा।
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यही नहीं, उन्होंने बीजेपी की बिहार में चुनाव तैयारियों पर भी निशाना साधा है। राजभर ने कहा कि लॉकडाउन से तबाह हुए करोड़ों गरीबों श्रमिकों की जिंदगी को कैसे वापस पटरी पर लाया जाए, इसके बारे में सोचने के बजाय भाजपा बिहार में चुनाव की तैयारी में जुटी गयी है। गरीब मजदूर, श्रमिकों के बीच जाने के डर से बंद कमरे से ही,डिजिटल चुनावी रैली कर रही है, शर्मनाक! अगर यही काम कोई दूसरा विपक्षी दल करता तो उससे तमाम हार मल्टी पूरा कराने के लिए दौड़ाती भाजपा। यह संवेदनहीनता की हद है क्या करें समरथ को नहिं दोष गुसाईं।
वहीं, राजनीतिक जानकारों का कहना है कि मिशन 2022 की तैयारियों में जुटे राजभर भी श्रमिकों के बीच वोट बैंक की तलाश में हैं। यही वजह है कि वह श्रमिकों के मुद्दों पर लगातार सक्रिय नजर आ रहे हैं।
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