शौकत अली के इस बयान पर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। बीजेपी नेताओं ने इसे सांप्रदायिक ध्रुवीकरण की कोशिश बताया है। कुछ बीजेपी प्रवक्ताओं ने कहा कि संविधान किसी को मुख्यमंत्री बनने से नहीं रोकता, लेकिन AIMIM को पहले अपनी पार्टी में हिजाब वाली महिला नेता को बड़ा पद देना चाहिए। वहीं, AIMIM का कहना है कि यह बयान समावेशी राजनीति और महिला सशक्तिकरण का प्रतीक है। पार्टी पहले भी यूपी में सक्रिय हो रही है, और अकबरुद्दीन ओवैसी ने भी योगी आदित्यनाथ को चुनौती दी थी।
AIMIM की यूपी रणनीति
AIMIM उत्तर प्रदेश में 2027 चुनावों के लिए तैयारियां तेज कर रही है। शौकत अली ने कहा कि पार्टी लगभग 200 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है। उन्होंने सपा पर मुस्लिमों का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया और कहा कि अब मुस्लिम अपनी राजनीतिक लड़ाई खुद लड़ेंगे। यह बयान असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी की यूपी में मजबूत उपस्थिति बनाने की कोशिश को दर्शाता है, जहां मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में प्रभाव बढ़ाना लक्ष्य है।
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विवाद और प्रभाव
यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जहां कुछ लोग इसे प्रेरणादायक बता रहे हैं, तो कुछ इसे विभाजनकारी कह रहे हैं। यूपी में पहले से ही हिजाब और अन्य मुद्दों पर बहस चल रही है, ऐसे में यह बयान राजनीतिक बहस को और गरमा सकता है। AIMIM का फोकस मुस्लिम महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने पर है, लेकिन विरोधी दल इसे वोट बैंक की राजनीति मान रहे हैं। आने वाले दिनों में इस पर और प्रतिक्रियाएं आने की उम्मीद है।
INPUT-ANANYA MISHRA

















































