सहजनवा में खुले में मांस बिक्री से जन स्वास्थ्य पर संकट, सड़कों-बाजारों में लटकता मांस नियमों की उड़ रही धज्जियां 

सहजनवा (गोरखपुर):सहजनवा तहसील क्षेत्र में खुले में मांस की बिक्री अब एक गंभीर स्वास्थ्य और सामाजिक समस्या बन चुकी है। राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे, पिपरौली गीडा, सहजनवा बाजार, पटखौली, मिनवा और घघसरा बाजार जैसे व्यस्त इलाकों में सड़कों के किनारे, बाजारों और रिहायशी मोहल्लों में खुले में मांस लटकाकर बेचा जा रहा है। न तो कोई शेड है, न साफ-सफाई का इंतजाम और न ही खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम (FSSAI) के नियमों का पालन। इससे स्थानीय लोगों में स्वास्थ्य को लेकर गहरा आक्रोश है और प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं।

स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा

खुले में लटके मांस पर धूल, मिट्टी, मक्खियां, कीड़े और प्रदूषण आसानी से बैठ जाता है। इससे मांस में साल्मोनेला, ई. कोलाई, कैम्पिलोबैक्टर जैसे हानिकारक बैक्टीरिया पनपते हैं। ऐसे मांस के सेवन से होने वाली प्रमुख बीमारियां:

फूड पॉइजनिंग
दस्त, उल्टी, पेट दर्द और गैस्ट्रोएंटेराइटिस
टाइफाइड, हैजा और हेपेटाइटिस-ए
बच्चों और बुजुर्गों में गंभीर संक्रमण और डिहाइड्रेशन
लंबे समय तक नियमित सेवन से कैंसर और अन्य गंभीर रोगों का खतरा बढ़ना

पर्यावरण और सामाजिक प्रभाव

मांस काटने से निकलने वाला खून और अवशेष सड़कों और नालियों में बह जाते हैं। इससे बदबू, मच्छरों की संख्या में वृद्धि और आवारा कुत्तों-बिल्लियों का जमावड़ा बढ़ता है। कई इलाकों में धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचने और सामाजिक तनाव की शिकायतें भी सामने आ रही हैं। स्थानीय लोग कहते हैं कि बच्चे स्कूल जाते समय इस गंदगी से गुजरते हैं, जिससे उनकी सेहत पर भी असर पड़ रहा है।

कानूनी प्रावधानों की धज्जियां

खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 और FSSAI के नियमों के अनुसार:

मांस की बिक्री केवल लाइसेंस प्राप्त दुकानों में होनी चाहिए।
बिक्री स्थल पर शेड, फ्लोर टाइल्स, फ्लाई प्रूफ व्यवस्था और स्वच्छता अनिवार्य है।
खुले में मांस लटकाना, काटना और बेचना पूरी तरह प्रतिबंधित है।
नियम तोड़ने पर जुर्माना और लाइसेंस रद्द करने तक की कार्रवाई हो सकती है।

 नियमों की खुलेआम अनदेखी हो रही है।

उपजिलाधिकारी सहजनवा केशरी नंदन तिवारी:“शासन की मंशा के अनुरूप खुले में मांस बिक्री बिल्कुल नहीं होने दी जाएगी। इसके लिए जगह निर्धारित है। जो भी ऐसा करता पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।”
अधिशासी अधिकारी सूर्यकांत: “इस तरह का कार्य करते हुए जो भी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।”
खाद्य निरीक्षक स्वामीनाथ: “हर जगह खुले में बिक्री हो रही है, लेकिन यदि कोई ऐसा करता पाया जाएगा तो चालान की कार्रवाई की जाएगी।”

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खाद्य निरीक्षक के बयान को लेकर स्थानीय लोग नाराज हैं और इसे गैरजिम्मेदाराना बता रहे हैं। उनका कहना है कि “हर जगह हो रहा है” यह बहाना नहीं चल सकता; प्रशासन का काम नियम लागू करना है, न कि स्थिति को सामान्य बताना।

स्थानीय लोगों की मांग

तत्काल छापेमारी और सख्त कार्रवाई
मांस विक्रेताओं के लिए निर्धारित स्थान पर दुकानें बनवाना
नियमित जांच और निगरानी टीम का गठन
लाइसेंस के बिना बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध
स्वच्छता और स्वास्थ्य मानकों का कड़ाई से पालन

 

सहजनवा में बढ़ती यह समस्या अब केवल स्वास्थ्य का मुद्दा नहीं रह गई है, बल्कि प्रशासन की नाकामी और जनता के विश्वास पर सवाल भी खड़ा कर रही है। स्थानीय लोग उम्मीद कर रहे हैं कि उपजिलाधिकारी और अन्य अधिकारियों के बयानों के बाद अब जमीनी कार्रवाई दिखाई देगी, वरना खुले में मांस बिक्री का यह चलन और तेज हो सकता है।

INPUT-ANANYA MISHRA

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