भोपाल
एम्स भोपाल में 30वां किडनी प्रत्यारोपण सफल रहा। अंतिम अवस्था की किडनी बीमारी से जूझ रहे मरीज को नई किडनी लगाई गई। सघन निगरानी में इलाज के बाद मरीज को पूरी तरह स्वस्थ होकर अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
मरीज को प्रत्यारोपण से पहले लंबे समय से हफ्ते में दो बार डायलिसिस करवाना पड़ रहा था। अचानक ब्लड प्रेशर बढ़ने पर उन्हें आपात स्थिति में एम्स में भर्ती किया गया था। जांच में पता चला कि उनकी दोनों किडनियां गंभीर रूप से खराब हो चुकी हैं। इसके बाद ट्रांसप्लांट ही एकमात्र रास्ता बचा था।














