Budget 2026: केंद्रीय बजट 2026-27 पेश करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रक्षा क्षेत्र को प्राथमिकता देते हुए रिकॉर्ड 7.85 लाख करोड़ रुपये का आवंटन किया है। यह पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के 6.81 लाख करोड़ रुपये से करीब 15% (लगभग 1 लाख करोड़ अधिक) की बढ़ोतरी है। रक्षा बजट अब कुल केंद्रीय बजट का 14.68% है, जो देश की राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने का स्पष्ट संकेत है।
यह आवंटन ऐसे समय में आया है जब ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद पाकिस्तान के साथ तनाव और चीन के साथ सीमा विवाद जारी हैं। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बजट का स्वागत करते हुए कहा कि यह बढ़ोतरी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सेना को और सशक्त बनाने का संकल्प है। ऑपरेशन सिंदूर की ऐतिहासिक सफलता के बाद यह कदम देश की रक्षा व्यवस्था को और मजबूत करेगा।
बजट के प्रमुख बिंदु:
- कुल रक्षा आवंटन: 7.85 लाख करोड़ (₹7,84,678 करोड़)
- आधुनिकीकरण (कैपिटल आउटले): ₹2.19 लाख करोड़ – पिछले साल से 21-22% अधिक, जिसमें एयरक्राफ्ट और एयरो इंजन के लिए ₹63,733 करोड़, नौसेना फ्लीट के लिए 25,023 करोड़ शामिल।
- राजस्व व्यय: 5.53 लाख करोड़ (वेतन, रखरखाव आदि)
- पेंशन: ₹1.71 लाख करोड़ (6.53% बढ़ोतरी)
यह बढ़ोतरी आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत स्वदेशी रक्षा उत्पादन को बढ़ावा देगी। बजट में विमानन और एयरोस्पेस सेक्टर के लिए कस्टम ड्यूटी छूट भी दी गई है, जिससे MRO (मेंटेनेंस, रिपेयर एंड ओवरहॉल) और घरेलू उत्पादन को बल मिलेगा। राफेल फाइटर जेट्स, पनडुब्बियां, उन्नत ड्रोन और मिसाइल सिस्टम जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स तेजी से आगे बढ़ेंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह बजट भारत की सैन्य तैयारियों को नई ऊंचाई देगा, खासकर LAC पर चीन और LoC पर पाकिस्तान के खिलाफ। रक्षा क्षेत्र में निवेश से रोजगार भी बढ़ेगा और डिफेंस इंडस्ट्री मजबूत होगी। प्रधानमंत्री मोदी के ‘विकसित भारत@2047’ विजन के अनुरूप यह कदम भारत को वैश्विक शक्ति बनाने में सहायक सिद्ध होगा।















































