पटना: शुक्रवार (6 फरवरी 2026) की देर रात पटना पुलिस ने पूर्णिया से निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव को उनके मंदिरी स्थित आवास से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की टीम करीब 10:30 बजे पहुंची, लेकिन समर्थकों के विरोध और सांसद के विरोध के कारण तीन घंटे से अधिक समय तक हंगामा चला। आखिरकार रात 12:15 बजे के आसपास उन्हें गिरफ्तार किया गया। पप्पू यादव ने आरोप लगाया कि पुलिस सिविल ड्रेस में आई थी और उन्हें लगा कि “मुझे मारने की साजिश रची गई है। उन्होंने कहा, ‘मेरी तबीयत ठीक नहीं है, मुझे नहीं पता मेरे साथ क्या होगा।
31 साल पुराने धोखाधड़ी मामले में गिरफ्तारी
यह गिरफ्तारी 1995 के एक धोखाधड़ी मामले में हुई है, जो पटना के गर्दनीबाग थाने में दर्ज है (FIR संख्या 552/1995)। शिकायतकर्ता विनोद बिहारी लाल ने आरोप लगाया था कि पप्पू यादव और उनके सहयोगियों ने धोखाधड़ी से उनका मकान किराए पर लिया। किराए के समय बताया गया कि मकान व्यक्तिगत उपयोग के लिए है, लेकिन बाद में इसे राजनीतिक कार्यालय बना लिया गया और कब्जा कर लिया गया।
भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत चल रहा मामला
मामले में पुरानी भारतीय दंड संहिता (IPC) की धाराएं 419 (जालसाजी), 420 (धोखाधड़ी), 468 (जालसाजी), 448 (घर में घुसपैठ), 506 (आपराधिक धमकी) और 120B (षड्यंत्र) लगाई गई हैं। अब यह मामला भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत चल रहा है। ट्रायल कोर्ट में लंबे समय से चल रहे मामले में पप्पू यादव बार-बार पेश नहीं हुए, जिसके कारण पटना की विशेष एमपी-एमएलए अदालत ने गिरफ्तारी वारंट जारी किया। दो दिन पहले ही अदालत ने कुर्की-जब्ती का आदेश भी दिया था। उनके वकील ने बताया कि इस मामले में जमानत खत्म हो गई थी, जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई की।
गिरफ्तारी के बाद मेडिकल जांच
गिरफ्तारी के तुरंत बाद पप्पू यादव को स्वास्थ्य संबंधी शिकायतों के कारण पटना के IGIMS (इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान) ले जाया गया, जहां उनका मेडिकल चेकअप हुआ। रात भर वे वहां स्ट्रेचर पर रहे। बाद में उन्हें पटना मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (PMCH) शिफ्ट किया गया। पटना सिटी एसपी भानु प्रताप सिंह ने कहा कि यह मानक प्रक्रिया है और सांसद अब पुलिस हिरासत में हैं। शनिवार (7 फरवरी 2026) को उन्हें कोर्ट में पेश किया जाना था।
पप्पू यादव के आरोप
गिरफ्तारी के दौरान और बाद में पप्पू यादव ने इसे राजनीतिक साजिश बताया। उन्होंने दावा किया कि हाल ही में नीट छात्र की मौत, गर्ल्स हॉस्टल मामले और अन्य मुद्दों पर सरकार की आलोचना करने के कारण उन्हें निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी पर भी हत्या की साजिश का आरोप लगाया। बिहार की सियासत में यह घटना चर्चा का विषय बनी हुई है। उनके समर्थक इसे बदले की कार्रवाई बता रहे हैं, जबकि पुलिस इसे पूरी तरह न्यायिक प्रक्रिया का हिस्सा बता रही है।


















































