UP: लखनऊ स्थित केजीएमयू (KGMU) की एक महिला रेजिडेंट से जुड़े यौन शोषण और कथित धर्मांतरण प्रयास के मामले में आरोपी डॉ. रमीज (Dr. Rameez) के संभावित आतंकी संबंधों की भी जांच की जा रही है। जांच में सामने आया है कि एक मेडिकल कॉन्फ्रेंस के दौरान उसकी मुलाकात दिल्ली ब्लास्ट मामले की आरोपी डॉ. शाहीन (Dr. Shaheen) से हुई थी। बताया जा रहा है कि इसके बाद रमीज शाहीन की विचारधारा से प्रभावित हुआ, जिसके आधार पर खुफिया एजेंसियां इस पहलू की गहन पड़ताल कर रही हैं।
पीएफआई लिंक
सूत्रों के अनुसार, एफआईआर दर्ज होने के बाद डॉ. रमीज प्रतिबंधित संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) से जुड़े कुछ लोगों के संपर्क में था और उसी माध्यम से कानूनी सहायता लेने की कोशिश कर रहा था। आरोपी के घर पर कुर्की के आदेश का नोटिस चस्पा होने के बाद उसके करीबी उसे कोर्ट में आत्मसमर्पण की सलाह दे रहे थे। इसी बीच रमीज लखनऊ पहुंचा, लेकिन समर्पण से पहले ही पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
शाहीन के भाई से संपर्क
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि रमीज का संपर्क पहले आगरा में डॉ. शाहीन के भाई डॉ. परवेज से हुआ था। दोनों एक व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए भी जुड़े बताए जा रहे हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि क्या आरोपी ने अन्य युवतियों के साथ भी इसी तरह के अपराध किए थे। अधिकारियों का मानना है कि यदि जांच किसी अन्य एजेंसी को सौंपी जाती है, तो मामले से जुड़े और अहम खुलासे हो सकते हैं।
अवध क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधियां
गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने पीएफआई और उससे जुड़े कई संगठनों पर गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम, 1967 के तहत प्रतिबंध लगाया है। संगठन पर देश की संप्रभुता, अखंडता और सार्वजनिक व्यवस्था को नुकसान पहुंचाने जैसे गंभीर आरोप हैं। इस बीच पुलिस को डॉ. रमीज और उसके पिता सलीमुद्दीन की अवध क्षेत्र के कई जिलों बहराइच, बाराबंकी और बलरामपुर में संदिग्ध आवाजाही के साक्ष्य मिले हैं। सलीमुद्दीन के मोबाइल फोन की जांच में भी कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आई हैं।
















































