कुछ दिन पहले डीजीपी ने ऐसे पुलिसकर्मियों को जबरन रिटायर करने के आदेश दिए थे जो काम में अक्षम हैं और जो भ्रष्टाचार में लिप्त हैं। ऐसे में अब इटावा एसएसपी आकाश तोमर ने इसकी शुरुआत कर दी है। जिले में 5 पुलिसकर्मियों के अनिवार्य सेवानिवृत्ति के बाद अब नए सिरे से करीब 100 पुलिसकर्मियों को रडार पर लिया गया है। जिनकी कमेटी के जरिए स्क्रीनिंग की जा रही है।
गहनता से हो रही स्क्रीनिंग
जानकारी के मुताबिक, इटावा एसएसपी आकाश तोमर ने पांच नवंबर को जारी आदेश में नागरिक पुलिस के पांच आरक्षियों को सेवानिवृत्ति दी। इनमें मुख्य आरक्षी रमेश चंद्र, मुख्य आरक्षी चालक रबीउल्ला खां, मुख्य आरक्षी चालक जयवीर सिंह, मुख्य आरक्षी एलआईयू सुरेंद्र सिंह व मुख्य आरक्षी रूप सिंह शामिल हैं।
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स्क्रीनिंग के लिए एसएसपी आकाश तोमर ने क्षेत्राधिकारी सदर राजीव प्रताप सिंह व प्रधान लिपिक राजकुमार के नेतृत्व में टीम का गठन किया था। एसएसपी ने बताया कि यह स्क्रीनिंग आगे भी जारी रहेगी। जिसके अन्तर्गत अब अनिवार्य सेवानिवृत्ति के बाद अब नए सिरे से करीब 100 पुलिसकर्मियों को रडार पर लिया गया है, जिनकी कमेटी के जरिए स्क्रीनिंग की जा रही है। बहुत ही जल्द इन सभी 100 पुलिसकर्मियों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति के जरिए पुलिस सेवा से मुक्ति दे दी जाएगी।
इसलिए लिया जा रहा निर्णय
एसएसपी ने कहा कि जिला स्तर पर स्क्रीनिंग कमेटी का सृजन किया गया है जो ऐसे पुलिसकर्मियों का परीक्षण करेगी जो कार्य करने में न केवल अक्षम होंगे बल्कि भ्रष्टाचार के दायरे में आते हैं। पिछले दिनों ऐसे ही 5 पुलिसकर्मियों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी गई है। बेशक इनमें से कई अनिवार्य सेवानिवृत्ति के इच्छुक नहीं थे लेकिन इसके बावजूद भी स्क्रीनिंग कमेटी की रिपोर्ट के बाद ऐसा निर्णय लिया गया है।
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