मथुरा के श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह मस्जिद विवाद में इलाहाबाद हाईकोर्ट में आज (20 फरवरी 2026) महत्वपूर्ण सुनवाई हो रही है। जस्टिस अवनीश सक्सेना की सिंगल बेंच दोपहर 2 बजे से 18 वादों पर एक साथ सुनवाई करेगी। हिंदू पक्ष की याचिकाओं में शाही ईदगाह को हटाकर जमीन मंदिर ट्रस्ट को सौंपने और कब्जा हटाने की मांग की गई है। सभी पक्षों को आज अपना जवाब दाखिल करना है, साथ ही काउंटर हलफनामा भी पेश किया जाएगा। 1968 के समझौते को चुनौती देते हुए हिंदू पक्ष का दावा है कि ईदगाह को मिली जमीन अवैध है। यह मामला सुप्रीम कोर्ट में भी लंबित है, जहां से निर्देश आ चुके हैं।
सुनवाई का समय और बेंच का विवरण
इलाहाबाद हाईकोर्ट में सुनवाई दोपहर 2 बजे से शुरू होगी। जस्टिस अवनीश सक्सेना की सिंगल बेंच इस मामले की सुनवाई कर रही है। हाईकोर्ट ने पहले 30 जनवरी को सुनवाई के दौरान ASI को जवाब दाखिल करने के लिए दो सप्ताह का समय दिया था, जिसके बाद आज की तारीख तय की गई। सभी पक्षों को आज अपना जवाब और काउंटर हलफनामा दाखिल करने का निर्देश है। यदि ASI अपना जवाब दाखिल करता है, तो रिपोर्ट पर दोनों पक्षों की बहस हो सकती है।
हिंदू पक्ष की मुख्य मांगें और 18 वाद
हिंदू पक्ष की ओर से दाखिल 18 वादों पर एक साथ सुनवाई हो रही है। इनमें मुख्य मांगें हैं:
शाही ईदगाह मस्जिद को हटाकर पूरी जमीन श्रीकृष्ण जन्मभूमि ट्रस्ट को सौंपना।
मस्जिद पर कब्जा हटाने और मंदिर के मूल स्वरूप को बहाल करने की मांग।
1968 के समझौते को चुनौती, जिसमें कहा गया है कि ईदगाह को जमीन दी गई थी, लेकिन यह समझौता अवैध है।
हिंदू पक्ष का दावा है कि मस्जिद कटरा केशवदेव क्षेत्र में श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर बनी है और यह मंदिर की जमीन पर अतिक्रमण है।
मुस्लिम पक्ष का रुख और 1968 समझौता
मुस्लिम पक्ष (शाही ईदगाह मस्जिद कमेटी) का कहना है कि 1968 में श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संघ और ईदगाह कमेटी के बीच समझौता हुआ था, जिसमें ईदगाह को 10.9 एकड़ जमीन का हिस्सा मिला। यह समझौता वैध है और मस्जिद सदियों पुरानी है। मुस्लिम पक्ष ने हाईकोर्ट में कहा है कि मामला Places of Worship Act 1991 के तहत संरक्षित है। आज सुनवाई में इस समझौते की वैधता पर भी बहस संभव है।
ASI की भूमिका और पिछले आदेश
पिछली सुनवाई (30 जनवरी) में ASI ने रिपोर्ट दाखिल करने के लिए समय मांगा था। आज ASI अपना जवाब दाखिल कर सकता है। हाईकोर्ट ने पहले ASI सर्वे के आदेश दिए थे, लेकिन सुप्रीम कोर्ट में मामला लंबित होने से सर्वे पर रोक है। हाईकोर्ट ने याचिकाओं को कंसोलिडेट कर एक साथ सुनवाई का फैसला किया है।
विवाद का व्यापक संदर्भ और प्रभाव
यह मामला मथुरा के कटरा केशवदेव क्षेत्र में श्रीकृष्ण जन्मभूमि और शाही ईदगाह मस्जिद से जुड़ा है। हिंदू पक्ष का दावा है कि मस्जिद मुगल काल में मंदिर तोड़कर बनाई गई। मुस्लिम पक्ष इसे सदियों पुरानी मस्जिद बताता है। मामला Places of Worship Act और ASI सर्वे से जुड़ा है। सुनवाई के बाद कोई बड़ा फैसला आ सकता है, लेकिन सुप्रीम कोर्ट में SLP लंबित होने से अंतिम फैसला देर से आएगा।
INPUT-ANANYA MISHRA









































