UP: केंद्र सरकार द्वारा जनगणना (Census) को लेकर अधिसूचना जारी किए जाने के बाद उत्तर प्रदेश में भी इसकी तैयारियों ने रफ्तार पकड़ ली है। प्रदेश के सभी जिलों में जिला स्तरीय जनगणना समन्वय समितियों का गठन कर दिया गया है। इन समितियों का कार्यकाल 1 जनवरी 2026 से 30 जून 2027 तक निर्धारित किया गया है। जिलाधिकारी समिति के अध्यक्ष होंगे और वही प्रमुख जनगणना अधिकारी की भूमिका भी निभाएंगे, जबकि अपर जिलाधिकारी (वित्त) को समिति का संयोजक बनाया गया है।
जिलों में अधिकारियों को मिली अहम जिम्मेदारी
नगर निगम वाले जिलों में नगर आयुक्त को समिति का सदस्य बनाया गया है। इसके साथ ही मुख्य विकास अधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी, बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी, जिला सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी तथा जिला सूचना विज्ञान अधिकारी भी समिति में शामिल रहेंगे। यह समिति जनगणना से जुड़ी सभी गतिविधियों जैसे प्रशिक्षण, मकान सूचीकरण, जनसंख्या गणना, जिला जनगणना पुस्तिका तैयार करने, आंकड़ों के प्रकाशन और वित्तीय उपयोगिता प्रमाण पत्र से जुड़े कार्यों की निगरानी करेगी।
मेरठ में शुरू हुई जनगणना-2027 की तैयारी
मेरठ में एसआईआर प्रक्रिया के बाद अब जनगणना की तैयारियां प्रारंभ हो गई हैं। शासन के निर्देश पर जिलाधिकारी डॉ. वीके सिंह की अध्यक्षता में जिला स्तरीय जनगणना समन्वय समिति का गठन किया गया है। वहीं एडीएम वित्त सूर्यकांत त्रिपाठी को समिति का संयोजक नियुक्त किया गया है। आगामी दिनों में मास्टर ट्रेनरों और संबंधित अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे जनगणना कार्य को सुचारू रूप से संपन्न कराया जा सके।
मई-जून 2026 में होगा पहला चरण का क्षेत्रीय कार्य
शासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार जनगणना-2027 का पहला चरण, यानी हाउस लिस्टिंग एवं आवास जनगणना (एचएलओ), मई-जून 2026 में कराया जाएगा। इसकी तैयारियां मार्च-अप्रैल 2026 से शुरू होंगी। जिला स्तरीय समिति को यह सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी गई है कि प्रारंभिक तैयारियों से लेकर जनसंख्या गणना, आंकड़ों के सारणीकरण और प्रकाशन तक सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूरे किए जाएं।













































