लोकसभा में प्रियंका गांधी और किरेन रिजिजू आपस में भीड़े!

कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने मंगलवार को केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू पर निशाना साधा। यह तब हुआ जब रिजिजू लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को हटाने के प्रस्ताव पर हुई चर्चा के दौरान जवाहरलाल नेहरू का हवाला दे रहे थे। प्रियंका ने कहा कि जो लोग भारत के पहले प्रधानमंत्री की दिन-रात आलोचना करते हैं, वही आज उनके वक्तव्यों का हवाला दे रहे हैं।

रिजिजू ने सदन क्या कहा?

चर्चा के दौरान रिजिजू ने 1954 में तत्कालीन स्पीकर जीवी मावलंकर को हटाने के प्रस्ताव पर नेहरू के बयान का हवाला दिया। रिजिजू ने नेहरू के शब्दों का उद्धरण देते हुए कहा, मैं उन माननीय सदस्यों से निवेदन करूंगा, जिन्होंने इस पर हस्ताक्षर किए हैं और जिन्होंने इसका समर्थन किया है कि वे उस दस्तावेज को पढ़ें जिस पर उन्होंने हस्ताक्षर किए हैं। यह एक घातक दस्तावेज है। मुझे शक है कि उन्होंने इसे पढ़ा भी है या नहीं। यदि उन्होंने पढ़ा होता तो सौ बार सोचते इससे पहले कि इसे हस्ताक्षर करते। रिजिजू ने कांग्रेस पर भी तंज कसा और कहा कि अगर प्रियंका गांधी को विपक्ष के नेता बनाया गया होता तो प्रदर्शन बेहतर होता। उन्होंने कहा, प्रियंका गांधी वहां बैठी हैं और हंस रही हैं। यदि उन्हें विपक्ष का नेता बनाया गया होता, तो प्रदर्शन बेहतर होता। कम से कम वह सदन में बैठतीं, सुनतीं और मुस्कुरातीं।

प्रियंका गांधी का रिजिजू पर पलटवार

रिजिजू के बयान के बाद प्रियंका गांधी ने कहा, उन्होंने कहा कि मैं हंस रही थी। मैं यह साफ करना चाहती हूं कि मैं इसलिए हंस रही थी क्योंकि जिन नेहरूजी की वे दिन-रात आलोचना करते हैं और उन्होंने अपने तर्क के समर्थन में नेहरू जी का हवाला दिया। उन्होंने आगे कहा, उन्होंने अचानक नेहरू जी का सम्मान करना शुरू कर दिया कि उन्होंने लोकतंत्र को मजबूत किया और ऐसे भाषण दिए। प्रियंका गांधी ने जोर देकर कहा कि केवल एक व्यक्ति ऐसा है, जिसने सरकार के सामने सिर नहीं झुकाया और वह है विपक्ष के नेता राहुल गांधी। उन्होंने कहा कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी बेझिझक सच बोलते हैं और जो लोग सत्ता पक्ष में बैठे हैं, वे उस सच को बर्दाश्त नहीं कर पा रहे हैं।

बाद में संसद परिसर में पत्रकारों से बातचीत में प्रियंका गांधी ने आरोप लगाया कि सरकार अमेरिका के सामने झुक गई है और उसने एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि भाजपा ने संस्थाओं को नष्ट कर दिया और विपक्ष उन्हें बचाने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव इसलिए लाया गया, क्योंकि सरकार ने बिरला पर दबाव डाला और उनकी स्वतंत्रता को प्रभावित किया। प्रियंका गांधी ने कहा कि सरकार के पास राहुल गांधी की ओर से उठाए गए सवालों का कोई जवाब नहीं है, इसलिए वह ध्यान भटकाने के लिए मामूली मुद्दे उठाती रहती है।

INPUT-ANANYA MISHRA

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