जुबैर-सुखवीर गैंग के सक्रिय सदस्य तालिब की 1.04 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क, फर्रुखाबाद पुलिस का बड़ा एक्शन

कायमगंज/फर्रुखाबाद। उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जिले में संगठित अपराध और आर्थिक अपराधियों के नेटवर्क को तोड़ने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस-प्रशासन को बड़ी सफलता मिली है। कुख्यात जुबैर-सुखवीर गैंग के सक्रिय सदस्य तारिक उर्फ तालिब की ₹1.04 करोड़ से अधिक की चल-अचल संपत्ति को कुर्क कर लिया गया है। नायब तहसीलदार हर्षित सिंह के नेतृत्व में प्रशासनिक टीम ने तालिब के पैतृक गांव मऊ रशीदाबाद स्थित आवास पर भारी पुलिस सुरक्षा के बीच कार्रवाई की और उसके आलीशान मकान को सील कर दिया।

 

कुर्क की गई संपत्तियों का विवरण
प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार कुर्क की गई कुल संपत्ति का मूल्य Rs.1,04,74,000 आंका गया है। इसमें शामिल हैं:

आलीशान मकान: अनुमानित कीमत Rs.61 लाख
वाहन: दो कारें और दो ट्रक, जिनकी कुल अनुमानित कीमत Rs. 43.74 लाख

इस प्रकार कुल Rs. 1.04 करोड़ से अधिक की संपत्ति जब्त की गई है।

 

कार्रवाई का तरीका
नायब तहसीलदार हर्षित सिंह के नेतृत्व में राजस्व विभाग की टीम तालिब के पैतृक गांव मऊ रशीदाबाद पहुंची। सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे और मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा। विधिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद तालिब के मकान को सील कर दिया गया।

कार्यवाही के दौरान कुछ चुनौतियां भी आईं क्योंकि तालिब के अन्य परिजन भी उसी परिसर में अलग-अलग घरों में रह रहे थे। संपत्तियों के स्पष्ट सीमांकन और मालिकाना हक को समझने में टीम को काफी समय लगा, लेकिन अंत में पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्ण तरीके से पूरी की गई।

 

जीएसटी चोरी से जुड़ा पुराना कनेक्शन
तालिब का नाम पहले भी जीएसटी चोरी के एक बड़े मामले में गैंगस्टर जुबैर के साथ जुड़ा हुआ था। उस समय तालिब ने हाईकोर्ट से गिरफ्तारी पर स्टे ऑर्डर प्राप्त कर लिया था, लेकिन पुलिस ने गैंग के अन्य सदस्यों पर कार्रवाई जारी रखी।

हाल ही में 21 मार्च को पुलिस ने इसी नेटवर्क से जुड़े तीन अपराधियों — अमन, अरबाज और फैसल — को गिरफ्तार किया था। कड़ी पूछताछ में इन तीनों ने 11 व्यापारियों सहित कुल 25 लोगों के नाम उगले, जो इस जीएसटी चोरी के नेटवर्क को चला रहे थे। इसी कड़ी में तालिब का नाम भी प्रमुखता से सामने आया।

 

मौजूद अधिकारी
कार्रवाई के दौरान प्रभारी निरीक्षक एम.एम. चतुर्वेदी, मेरापुर इंस्पेक्टर राजीव पांडेय और अन्य उच्चाधिकारी मौजूद रहे।

 

प्रशासन का सख्त रुख
प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि अपराधियों के आर्थिक तंत्र को तोड़ने की यह मुहिम भविष्य में भी लगातार जारी रहेगी। फर्रुखाबाद पुलिस और प्रशासन का लक्ष्य है कि ऐसे गैंगस्टरों की अवैध कमाई के स्रोतों को पूरी तरह समाप्त किया जाए, ताकि वे आगे अपराध करने में असमर्थ हो जाएं।

यह कार्रवाई फर्रुखाबाद पुलिस की सक्रियता और जीएसटी चोरी जैसे आर्थिक अपराधों के खिलाफ शून्य सहनशीलता की नीति को दर्शाती है। पुलिस अब तालिब के अन्य सहयोगियों की तलाश और उनके आर्थिक नेटवर्क को और मजबूती से कुर्क करने की दिशा में काम कर रही है।