3 फरवरी 2026 को संसद परिसर में मीडिया से बातचीत करते हुए लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका के साथ हाल ही में हुई ट्रेड डील में भारतीय किसानों की मेहनत, खून-पसीना बेच दिया गया है। राहुल गांधी ने कहा कि यह डील 4 महीने से अटकी हुई थी, लेकिन अचानक 2 फरवरी शाम को मोदी ने इसे साइन कर दिया क्योंकि वे “भयंकर प्रेशर” में हैं और “कंप्रोमाइज्ड” हो चुके हैं। उन्होंने एपस्टीन फाइल्स और अडानी के अमेरिकी केस का जिक्र कर पीएम पर व्यक्तिगत दबाव का आरोप लगाया। कांग्रेस ने इसे किसान-विरोधी करार दिया, जबकि सरकार ने दावा किया कि कृषि और डेयरी सेक्टर सुरक्षित हैं। यह बयान राजनीतिक बहस को तेज कर रहा है, खासकर जब डील के पूरे विवरण अभी सार्वजनिक नहीं हुए हैं।
ट्रेड डील की घोषणा और मुख्य बिंदु
2 फरवरी 2026 को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फोन कॉल के बाद घोषणा की कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील हो गई है। ट्रंप ने कहा कि भारतीय सामानों पर अमेरिकी टैरिफ 25% से घटाकर 18% कर दिया गया है (कुछ रिपोर्टों में कुल 50% से 18% तक की कटौती का जिक्र, जिसमें रूसी तेल खरीद पर अतिरिक्त 25% पेनल्टी शामिल थी)। बदले में भारत ने रूसी तेल की खरीद रोकने या कम करने, अमेरिकी उत्पादों की ज्यादा खरीद ($500 बिलियन तक का दावा), और टैरिफ/नॉन-टैरिफ बैरियर्स को जीरो करने की बात कही। पीएम मोदी ने इसे “Made in India” के लिए फायदेमंद बताया और ट्रंप को धन्यवाद दिया। हालांकि, डील के विस्तृत टर्म्स अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं हैं, और कुछ दावे (जैसे रूसी तेल पूरी तरह बंद) पर विवाद है।
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राहुल गांधी के मुख्य आरोप
राहुल गांधी ने कहा, “पहली चीज बोलने नहीं दे रहे हैं… 4 महीने से रुकी ट्रेड डील मोदी जी ने कल शाम उसे साइन कर दिया।” उन्होंने आरोप लगाया कि पीएम “भयंकर प्रेशर” में हैं, उनकी इमेज का “गुब्बारा” (हजारों करोड़ से बना) फूटने वाला है।
- पीएम “कंप्रोमाइज्ड” हैं – एपस्टीन फाइल्स और अडानी पर अमेरिकी केस के कारण।
- डील में किसानों की मेहनत बेच दी गई, क्योंकि अमेरिकी कृषि/डेयरी उत्पादों के लिए बाजार खुल सकता है।
- संसद में बोलने नहीं दिया जा रहा क्योंकि यह बड़ा मुद्दा है।
- कांग्रेस ने X पर पोस्ट कर कहा कि डील अमेरिकी किसानों को फायदा पहुंचाएगी, भारतीय किसानों को नुकसान।
सरकार और BJP का जवाब
वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और BJP नेताओं ने राहुल गांधी के आरोपों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि डील से भारतीय निर्यात (MSME, मैन्युफैक्चरिंग) को बड़ा फायदा होगा। कृषि और डेयरी सेक्टर पूरी तरह संरक्षित हैं, कोई समझौता नहीं हुआ। सरकार के सूत्रों ने दावा किया कि किसानों के हित सुरक्षित हैं, और राहुल गांधी झूठ फैला रहे हैं। BJP ने पूछा कि क्या कांग्रेस भारत के हित के साथ है या विरोध में।
किसानों पर संभावित प्रभाव और विवाद
विपक्ष का दावा है कि अमेरिकी कृषि उत्पादों के सस्ते आयात से लोकल किसान प्रभावित होंगे, खासकर डेयरी और अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में। कांग्रेस ने इसे “किसानों पर हमला” कहा। दूसरी ओर, सरकार का पक्ष है कि टैरिफ कट से भारतीय निर्यात बढ़ेगा, अर्थव्यवस्था मजबूत होगी, और संवेदनशील सेक्टर सुरक्षित रखे गए हैं। डील के पूरे विवरण आने के बाद ही प्रभाव स्पष्ट होंगे, लेकिन फिलहाल यह राजनीतिक घमासान का केंद्र बना हुआ है।
INPUT-ANANYA MISHRA












































