लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को मंगलवार को अपने दादा फिरोज गांधी का वर्षों पुराना खोया हुआ ड्राइविंग लाइसेंस मिला। राहुल अपने संसदीय क्षेत्र रायबरेली के दो दिवसीय दौरे पर थे। फिरोज गांधी के इस ड्राइविंग लाइसेंस को रायबरेली में पाकर राहुल गांधी काफी खुश गए। जैसे ही राहुल गांधी ने उस लाइसेंस, को अपने हाथों में लिया वैसे ही राहुल ने उस लाइसेंस का फोटो खींच बहन प्रियंका गांधी और मां सोनिया गांधी को व्हाट्सएप पर भेजा।
और साथ ही राहुल गांधी ने कहा कि यह मेरे पुरखों की निशानी है। इसको मैं अपने घर पर लेमिनेट कराकर फोटो फ्रेम के रूप में रखूंगा।
राहुल गांधी के दादा फिरोज गांधी का वर्षों पुराना खोया हुआ ड्राइविंग लाइसेंस कैसे मिला।
यह लाइसेंस रायबरेली प्रीमियर लीग क्रिकेट टूर्नामेंट की आयोजन समिति के सदस्य विकास सिंह ने राहुल को दिया। यह घटना उनके दो दिवसीय दौरे के दूसरे दिन हुई। विकास सिंह ने कहा, वर्षों पहले रायबरेली में एक कार्यक्रम के दौरान मेरे ससुर को यह ड्राइविंग लाइसेंस मिला था।उन्होंने इसे सुरक्षित रखा और उनके निधन के बाद मेरी सास ने भी इसे सहेजकर रखा और फिर मेरी पत्नी ने इसे सहेज कर रखा।
राहुल गांधी रायबरेली के दौरे पर गए थे।
राहुल ने मंगलवार को रायबरेली प्रीमियर लीग क्रिकेट टूर्नामेंट का उद्घाटन किया। इसी दौरान आयोजन समिति के सदस्य विकास सिंह ने राहुल गांधी को मंच पर फिरोज गांधी का लाइसेंस सौंपा। विकास सिंह ने बताया कांग्रेस सांसद राहुल के रायबरेली आने की जानकारी मिलने पर मेरे परिवार ने इसे सौंपना अपना कर्तव्य समझा। मेरा परिवार इस दस्तावेज को अमानत मानता था, जिसे सही समय पर गांधी परिवार को लौटाना जरूरी था।
फिरोज गांधी कौन थे?
फिरोज गांधी का जन्म दिसंबर 1912 में हुआ था। उन्होंने देश के पहले लोकसभा चुनाव 1952 में रायबरेली से जीत दर्ज की थी। वह देश की पहली प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के पति और पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के पिता थे। 7 सितंबर 1960 को फिरोज गांधी का निधन हो गया था।
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- नरेंद्र मोदी चाहते हैं कि मनरेगा योजना खत्म हो जाए, ताकि जो पैसा बहनों और मजदूरों को जाता है, वह सीधे अंबानी, अडाणी और बड़े-बड़े उद्योगपतियों के पास चला जाए। सामने से तो यह नहीं कर सकते, इसलिए धीरे-धीरे मनरेगा का गला घोंटा जा रहा है।
- हम संविधान की रक्षा करते हैं। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और नरेंद्र मोदी चाहते हैं कि संविधान रद्द हो, खत्म हो। वे अंबेडकर जी की सच्चाई को मिटाना चाहते हैं। गांधी जी की सोच को मिटाना चाहते हैं। आजादी से पहले जो हिंदुस्तान था, वैसा हिंदुस्तान बनाना चाहते हैं, जहां आपके हाथों से जमीन छीनी जाए।
- आपके सारे हक छीन लिए जाएं। आपकी सारी योजनाएं खत्म कर दी जाएं। योजनाओं का पैसा अंबानी और अडाणी जैसे उद्योगपतियों को दिया जाए। आपकी जमीन अडाणी-अंबानी के हवाले कर दी जाए और आप सभी भुखमरी की ओर चले जाएं। यह इनका लक्ष्य है। हमें एक साथ खड़ा होना है।
- हिंदुस्तान की सरकार अडाणी-अंबानी की सरकार है, किसानों और मजदूरों की सरकार नहीं है। इस देश को अडाणी-अंबानी की सरकार से कोई फायदा नहीं होने वाला है, बल्कि जबरदस्त नुकसान होगा।
INPUT-ANANYA MISHRA
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