वाराणसी : जानें कब खेली जाएगी मणिकर्णिका घाट पर चिता भस्म की होली ?, 365 साल से निभाई जा रही परंपरा

कुछ ही दिनों में होली का त्योहार आने वाला है। ऐसे में होली से पहले कई बड़े उत्सव मनाए जाते हैं। इनमे खास है रंगभरी एकादशी। इसी क्रम में वाराणसी में बाबा श्रीकाशी विश्वनाथ का गौना उत्सव आज शुरू हो रहा है। श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर के पास टेढ़ीनीम स्थित पूर्व महंत आवास पर गौरा के हल्दी तेल की रस्म निभाई जाएगी। वहीं, वाराणसी में 14 मार्च को रंगभरी एकादशी पर श्रीकाशी विश्वनाथ का गौना शहरभर में बाजा, बारात और भूतनाथ के साथ निकलेगा। बाबा विश्‍वनाथ अपने गणों के साथ अपनी ससुराल पहुंचेंगे, जहां से मां गौरा की विदाई कराकर भक्तों के साथ होली खेलेंगे।

15 मार्च को खेली जाएगी चिता भस्म से होली

इसके साथ ही अगले दिन 15 मार्च को महाश्मशान मणिकर्णिका घाट पर चिता भस्म की होली खेली जाएगी। मणिकर्णिका के साथ हरिश्चंद्र घाट पर भी स्वयं भूतभावन अड़भंगी बनकर जलती हुई चिताओं से राख उठाकर लोगों पर डालेंगे। इसे देखने के लिए देश के कोने-कोने से शिवभक्त काशी आते हैं। यह रस्म पिछले 364 साल से निभाई जा रही है।

रंग भरी एकादशी कार्यक्रम का मंच श्रीकाशी विश्वनाथ धाम के पूर्व महंत डॉ. कुलपति तिवारी के आवास के पास एक खुले स्थान पर बनाया जाएगा। यहां पर बाबा विश्वनाथ पर आधारित पारंपरिक सांस्कृतिक कार्यक्रम शिवांजलि का आयोजन किया जाएगा। इसमें देश विदेश में अपनी खास पहचान रखने वाले कलाकारों की हाजिरी लगेगी।

बेहद खास तरीके होंगे कार्यक्रम

दुनिया के तमाम देशों में अपने तबला वादन का लोहा मनवा चुके पंडित अशोक पांडेय, चारों पट की गायकी में समान रूप से दक्षता रखने वाली विदुषी सुचारिता गुप्ता, भक्ति लोक संगीत के सशक्त हस्ताक्षर पागल बाबा भक्तों को अपनी आध्यात्मिक धुन पर नचाएंगे। वहीं, सूफियाना रॉक के लिए देशभर में मशहूर रुद्रनाथ बैंड के लीड सिंगर अमित त्रिवेदी बाबा पर होली गीत सुनाएंगे। इनके अलावा आराधना सिंह, नैना मिश्रा और प्रियंका पांडेय भी भजन गाएंगी।

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