UP: लखनऊ के सरोजनीनगर थाने की पुलिस ने एक बार फिर अपनी कार्यकुशलता का परिचय देते हुए एक अंतर्जनपदीय (इंटर-डिस्ट्रिक्ट) चोरी गैंग का पर्दाफाश किया है। इंस्पेक्टर राजदेव प्रजापति के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए गैंग के तीन मुख्य शातिर सदस्यों को धर दबोचा।
गैंग कैसे करता था वारदात?
पुलिस के अनुसार यह गैंग लंबे समय से लखनऊ और आसपास के जिलों में सक्रिय था। गैंग के सदस्य शहर के विभिन्न मोहल्लों और कॉलोनियों में बंद घरों की रेकी करते थे। वे दिन में घरों की निगरानी करते और जब मालिक बाहर होते या घर खाली मिलता तो चोरी को अंजाम देते थे। गैंग मुख्य रूप से सोने-चांदी के आभूषण, नकदी और अन्य कीमती सामान को निशाना बनाता था। चोरी के बाद सामान को जल्दी से दूसरे जिलों या शहरों में बेच दिया जाता था।
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महत्वपूर्ण बरामदगी
गिरफ्तार तीनों आरोपियों के पास से पुलिस ने 1.34 लाख रुपये कीमत के चोरी किए गए सोने-चांदी के आभूषण,चोरी की बिक्री से प्राप्त नकद राशि, चोरी में इस्तेमाल होने वाले उपकरण और फर्जी दस्तावेज बरामद किया है। पुलिस का दावा है कि बरामदगी के आधार पर कई अन्य अनसुलझे चोरी के मामलों का खुलासा हो सकता है। बरामद आभूषणों की पहचान के लिए विभिन्न थानों से संपर्क किया जा रहा है।
अपराधिक इतिहास
मुख्य आरोपी मासूम अली के खिलाफ विभिन्न थानों में 15 से अधिक आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। इनमें चोरी, लूट, धोखाधड़ी और अन्य गंभीर धाराएं शामिल हैं। गैंग के दो अन्य सदस्यों के खिलाफ भी कई थानों में चोरी से जुड़े मुकदमे दर्ज पाए गए हैं। पुलिस का कहना है कि यह गैंग लंबे समय से सक्रिय था और अब इसका पूरा नेटवर्क बेनकाब करने की कोशिश की जा रही है।
पुलिस की आगे की कार्रवाई
सरोजनीनगर पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया है। पूछताछ में गैंग के अन्य सदस्यों, ठिकानों और चोरी के सामान बेचने के नेटवर्क का पता लगाया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि पूछताझ के बाद कई और चोरी की घटनाओं का खुलासा हो सकता है। टीम ने आसपास के जिलों में भी अलर्ट जारी किया है और गैंग के अन्य साथियों की तलाश तेज कर दी है।







































