Bahraich: तहसील मिहींपुरवा अंतर्गत ग्राम पंचायत सुजौली के चांद खां पुरवा/घूरे पुरवा में सड़क की बदहाल स्थिति ग्रामीणों के लिए गंभीर समस्या बनी हुई है। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव के इस मार्ग का निर्माण करीब 15 वर्षों से नहीं कराया गया है, जिसके चलते सड़क पूरी तरह जर्जर हो चुकी है। बारिश के दिनों में स्थिति और भी खराब हो जाती है और जल निकासी की व्यवस्था नहीं होने से सड़क पर पानी व कीचड़ जमा हो जाता है।
जानिए क्या है पूरा मामला?
सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों को उठानी पड़ रही है। इसी रास्ते से होकर बच्चे प्रतिदिन स्कूल आते-जाते हैं। जलभराव और कीचड़ के कारण रास्ता फिसलन भरा हो जाता है। ग्रामीणों के मुताबिक कई बार बच्चे फिसलकर गिर चुके हैं और चोटिल भी हुए हैं। अभिभावकों को बच्चों के सुरक्षित स्कूल पहुंचने और वापस लौटने की चिंता बनी रहती है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क के किनारे पक्की नाली का निर्माण नहीं होने के कारण बारिश का पानी सड़क पर ही जमा रहता है। लंबे समय से जलभराव के कारण सड़क की हालत लगातार खराब होती जा रही है। जगह-जगह गड्ढे और कीचड़ होने से पैदल चलना तो दूर, दोपहिया वाहनों से निकलना भी मुश्किल हो जाता है।
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स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क निर्माण और जल निकासी के लिए नाली बनवाने की मांग कई बार संबंधित जिम्मेदारों के सामने रखी जा चुकी है, लेकिन अभी तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ। ग्रामीणों का आरोप है कि हर बारिश में समस्या गंभीर होने के बावजूद सड़क और नाली निर्माण को लेकर प्रभावी कदम नहीं उठाया गया। ग्रामीणों ने प्रशासन से सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर कब तक बच्चे और ग्रामीण बदहाल रास्ते पर चलने को मजबूर रहेंगे? उनका कहना है कि किसी दुर्घटना के बाद कार्रवाई करने के बजाय समय रहते सड़क और नाली का निर्माण कराया जाना चाहिए। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से जर्जर सड़क का शीघ्र निर्माण कराने तथा जल निकासी के लिए पक्की नाली बनवाने की मांग की है। उनका कहना है कि सड़क दुरुस्त होने से ग्रामीणों को आवागमन में राहत मिलेगी और स्कूली बच्चों के लिए भी सुरक्षित रास्ता उपलब्ध हो सकेगा।
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