केरल चुनाव से पहले मुस्लिमों-ईसाइयों के परिवारों को साधने में जुटा आरएसएस

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) केरल में मुस्लिम और ईसाई परिवारों से भी संपर्क साध रहा है। उसकी कोशिश है कि केरल के इन दोनों प्रमुख समुदायों के बीच संघ को लेकर लोगों की समझ और उसकी स्वीकार्यता बढ़े। संघ का दावा है कि इस शताब्दी वर्ष में ही वह राज्य के 55 हजार से ज्यादा मुस्लिम घरों में और 54 हजार से ज्यादा ईसाई परिवारों से संपर्क स्थापित कर चुका है। इन परिवारों के बीच संघ के कार्यकर्ताओं का स्वागत हुआ और लोगों ने संघ के बारे में सुनने और उसको समझने को लेकर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी।

मुस्लिम और ईसाई परिवारों से संपर्क करने की संघ की यह कोशिश ऐसे समय में हो रही है जब राज्य में अगले दो-तीन महीने के अंदर विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में संघ के इस संपर्क अभियान के चुनावी अर्थ भी निकाले जा रहे हैं। लेकिन संघ स्वयंसेवकों का कहना है कि यह उनके शताब्दी वर्ष के कार्यक्रम का हिस्सा है जिसमें वे पूरे देश में सभी वर्ग के लोगों से संपर्क कर रहे हैं। समालखा में 13 मार्च से शुरू हुई आरएसएस की तीन दिवसीय अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा में संघ के सह सरकार्यवाह सीआर मुकुंद ने दावा किया कि संघ शताब्दी वर्ष में अब तक देश के तीन लाख 90 हजार गांवों में 10 करोड़ घरों से संपर्क कर चुका है। अभी यह कार्यक्रम जारी है और इस वर्ष के दशहरा पर्व तक चलेगा। संघ अपने शताब्दी वर्ष में हिंदू सम्मेलन भी आयोजित कर रहा है। सीआर मुकुंद के अनुसार, अब तक 36 हजार से अधिक हिंदू सम्मेलन आयोजित किए जा चुके हैं। ये कार्यक्रम अब भी जारी हैं। इन कार्यक्रमों में भी संघ परिवार हर वर्ग के लोगों को आमंत्रित कर लोगों को अपने से जोड़ने की कोशिश कर रहा है। इन कार्यक्रमों से भी उसे केरल में लोगों को अपने साथ जोड़ने में सहायता मिली है।

केरल में वामपंथी दल और कांग्रेस ही मुख्य राजनीतिक खिलाड़ी रहे हैं। लेकिन हाल ही में संपन्न हुए निकाय चुनावों में भाजपा के 115 पार्षदों ने जीत हासिल की। इस जीत से उत्साहित भाजपा ने केरल के सभी पार्षदों को दिल्ली बुलाया और यहां उनका स्वागत किया। संघ परिवार और भाजपा इसे लोगों के बीच चल रहे एक बड़े सामाजिक-राजनीतिक बदलाव के रूप में देख रही है। उसे लगता है कि आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा के लिए केरल में संभावनाएं बेहतर हो सकती हैं।

INPUT-ANANAY MISHRA

( देश और दुनिया की खबरों के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, आप हमें ट्विटर पर भी फॉलो कर सकते हैं.)