RSS प्रमुख मोहन भागवत के ‘घर वापसी’ वाले बयान पर बवाल, मौलाना अरशद मदनी ने जारी किया पुराना वीडियो, बोले- 20 करोड़ मुसलमानों को हिंदू बना दोगे?

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत (Mohan Bhagwat) के लखनऊ में दिए बयान ने राजनीतिक और धार्मिक हलकों में हंगामा मचा दिया है। भागवत ने कहा कि भारत में रहने वाले मुसलमान भी हिंदू हैं और ‘घर वापसी’ का काम तेज होना चाहिए। इसके जवाब में जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने X पर अपना पुराना वीडियो शेयर कर कड़ी प्रतिक्रिया दी है।

मोहन भागवत का बयान

RSS प्रमुख मोहन भागवत ने 18 फरवरी को लखनऊ के सरस्वती शिशु मंदिर में सामाजिक सद्भाव बैठक में कहा कि भारत में रहने वाले मुसलमान हिंदू हैं। उन्होंने ‘घर वापसी’  के प्रयासों को तेज करने की अपील की और कहा कि लौटने वालों का ध्यान रखना होगा। भागवत ने घुसपैठियों पर सख्ती बरतने की बात की, कहा- उन्हें डिटेक्ट, डिलीट और डिपोर्ट करना होगा, रोजगार नहीं देना है। हिंदुओं की घटती जनसंख्या पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि हिंदू परिवारों में कम से कम 3 बच्चे होने चाहिए, क्योंकि औसत 3 से कम होने पर समाज समाप्त हो जाता है। विवाह को सृष्टि आगे बढ़ाने का माध्यम बताते हुए उन्होंने वासना पूर्ति न मानने की सलाह दी। यह बयान RSS की शताब्दी वर्षगांठ के कार्यक्रमों के दौरान आया।

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मौलाना अरशद मदनी की तीखी प्रतिक्रिया

जमीयत उलेमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने  X पर अपना पुराना वीडियो शेयर कर भागवत के बयान पर हमला बोला और कहा, कि क्या 20 करोड़ मुसलमानों को हिंदू बनाया जा सकता है? क्या 6 करोड़ ईसाइयों की भी ‘घर वापसी’ कराई जाएगी? उनका कहना था कि इस तरह के बयान देश को विनाश की ओर ले जा सकते हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जो लोग पिछले 70 वर्षों में ऐसी बातें कहने की हिम्मत नहीं जुटा सके, वे आज 20 करोड़ मुसलमानों की ‘घर वापसी’ की बात कर रहे हैं। ऐसा प्रतीत होता है मानो देशभक्ति का ठेका सिर्फ उन्हीं के पास हो। मदनी के अनुसार, जो आवाज देश को बर्बादी और वैमनस्य की दिशा में ले जाए, उसे वफादारी की आवाज नहीं कहा जा सकता।

मदनी का बयान 

मौलाना मदनी ने अपने वीडियो और पोस्ट में कई अहम बिंदु उठाए। उन्होंने कहा कि मुसलमान किसी दबाव में धर्म परिवर्तन नहीं करेंगे, मुसलमानों को मिटाने वाले खुद मिट गए लेकिन इस्लाम जिंदा है। देश में शांति और सद्भाव केवल संविधान की छाया में संभव है। मदनी ने मॉब लिंचिंग और गिरजाघरों पर हमलों का जिक्र किया। तीन तलाक जैसे मुद्दों पर आवाज उठाने वालों की चुप्पी पर सवाल किया। उन्होंने चेतावनी दी कि नफरत जारी रही तो गलियों में हिंसा फैलेगी। बुजुर्गों की आजादी की कुर्बानियों का जिक्र करते हुए कहा कि देश मोहब्बत से चलता है, नफरत से नहीं।

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मंत्री ओपी राजभर का पलटवार

उत्तर प्रदेश के पंचायती राज मंत्री ओपी राजभर ने मदनी के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। राजभर ने कहा कि ये मौलवी और मौलाना बयान देते हैं, लेकिन अपने समुदाय की शिक्षा पर बात क्यों नहीं करते? स्वास्थ्य की चिंता क्यों नहीं करते? रोजगार, नौकरियां और हिस्सेदारी की बात क्यों नहीं करते? वे समुदाय को नफरत की भाषा सिखाते हैं। राजभर का यह बयान मदनी के वीडियो के बाद आया, जो वंदे मातरम विवाद से जुड़ा लगता है, लेकिन घर वापसी पर भी लागू होता है।

BJP विधायक नंदकिशोर गुर्जर का विवादित बयान

BJP विधायक नंदकिशोर गुर्जर ने मदनी पर तीखा हमला किया। गुर्जर ने कहा कि हिंदुस्तान में मुसलमान नहीं हैं। जमीयत आतंकवादियों को लीगल एडवाइस और वकील देती है। मदनी को जहां दर्द होता है, वहां जाते हैं, ये भारत में ISI के एजेंट हैं। ज्यादा दिन नहीं जब इन्हें पाकिस्तान जाना पड़ेगा, क्योंकि वो ही इनका असली मुल्क है। यह बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है और विवाद बढ़ा रहा है।

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