मुर्शिदाबाद में हिंदूवादी संगठन का भगवा कूच: विश्व हिंदू रक्षा परिषद के कार्यकर्ता भगवा झंडा, फावड़ा-कुल्हाड़ी लेकर पहुंचे, बोले

लखनऊ/मुर्शिदाबाद: पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में प्रस्तावित ‘नई बाबरी मस्जिद’ के निर्माण के खिलाफ उत्तर प्रदेश के हिंदूवादी संगठन विश्व हिंदू रक्षा परिषद (VHRP) ने आज 10 फरवरी को बड़ा प्रदर्शन किया। संगठन के कार्यकर्ता लखनऊ के गोमती नगर स्थित कार्यालय से कारों के काफिले में भगवा झंडे, कुल्हाड़ी और फावड़े लेकर मुर्शिदाबाद कूच कर गए। उन्होंने साफ ऐलान किया कि बाबर के नाम पर मस्जिद नहीं बनने देंगे और जरूरत पड़ने पर कब्रें खोदने का काम भी करेंगे। यह कूच 11 फरवरी को प्रस्तावित निर्माण शुरू होने से ठीक एक दिन पहले हो रहा है, जिससे इलाके में तनाव बढ़ गया है।

कूच और नारों का विवरण

विश्व हिंदू रक्षा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष गोपाल राय के नेतृत्व में कार्यकर्ता लखनऊ से रवाना हुए। उनके हाथों में भगवा झंडे के साथ फावड़े और कुल्हाड़ियां थीं। संगठन ने पहले लखनऊ में कई जगह होर्डिंग्स लगवाई थीं, जिनमें लिखा था- “हुमायूं हम आएंगे, बाबरी फिर गिराएंगे”, “इस बार मुर्शिदाबाद में नई बाबरी पर आर-पार होगा”, “चलो मुर्शिदाबाद” और “बंटोगे तो कटोगे” जैसे उत्तेजक नारे। कार्यकर्ताओं ने कहा, “जब एक बार बाबरी मस्जिद का नाम मिट चुका है, तो फिर क्यों उसे जिंदा करके पूरे भारत का माहौल खराब किया जा रहा है। बाबरी मस्जिद की एक भी ईंट नहीं रखने देंगे। जरूरत पड़ी तो मुर्शिदाबाद में कब्र खोदने का काम करेंगे।”

विवाद की जड़: हुमायूं कबीर का ऐलान

यह पूरा विवाद जनता उन्नयन पार्टी के प्रमुख और निलंबित टीएमसी विधायक हुमायूं कबीर से जुड़ा है। उन्होंने 6 दिसंबर 2025 को मुर्शिदाबाद के बेलडांगा में ‘बाबरी मस्जिद’ शैली की मस्जिद की नींव रखी थी, जो अयोध्या की बाबरी मस्जिद की याद में बन रही है। कबीर ने ऐलान किया था कि निर्माण 11 फरवरी 2026 से शुरू होगा, जिसमें करीब 5,000 लोग शामिल होंगे। उन्होंने दावा किया कि दान से 1.30 करोड़ रुपये से अधिक जमा हो चुके हैं और बेंगलुरु की एक फर्म निर्माण करेगी। कबीर ने विरोधियों को चेतावनी दी कि “ये अयोध्या नहीं, मुर्शिदाबाद है” और अगर इतनी शेखी है तो 10 या 11 फरवरी को आकर दिखाएं।

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सुरक्षा व्यवस्था और राजनीतिक प्रतिक्रियाएं

पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश में सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं। मुर्शिदाबाद पुलिस ने संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है। संगठन ने कहा कि वे 11 फरवरी को मुर्शिदाबाद पहुंचकर निर्माण रोकने के लिए जुटेंगे। विपक्ष और कुछ संगठन इसे सांप्रदायिक उन्माद फैलाने की कोशिश बता रहे हैं। हुमायूं कबीर का यह कदम 2026 बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक हलचल पैदा कर रहा है, जहां मुस्लिम बहुल मुर्शिदाबाद में वोट बैंक की राजनीति तेज है।

सामाजिक प्रभाव

यह घटना अयोध्या विवाद की यादें ताजा कर रही है और दोनों तरफ से उत्तेजक बयानबाजी से तनाव बढ़ रहा है। पुलिस ने किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए कड़ी निगरानी की बात कही है। मुर्शिदाबाद में पहले से ही सांप्रदायिक संतुलन नाजुक है, और यह कूच इलाके में नए विवाद का कारण बन सकता है।

INPUT-ANANYA MISHRA

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