UP: समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने प्रयागराज माघ मेला प्राधिकरण द्वारा शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद (Shankaracharya Avimukteshwarananda) को नोटिस दिए जाने पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (BJP)और मेला प्रशासन पर निशाना साधते हुए कहा कि यह कार्रवाई सनातन धर्म की भावनाओं को आहत करने वाली है।
सनातन परंपराओं के अपमान का आरोप
अखिलेश यादव ने कहा कि शंकराचार्य और साधु-संत भारतीय संस्कृति और परंपराओं की पहचान हैं। उनका कहना था कि अगर सनातन धर्म की परंपराओं को कमजोर करने का कोई प्रयास हो रहा है, तो वह भाजपा सरकार के माध्यम से हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि जो लोग भाजपा की विचारधारा के अनुरूप काम नहीं करते, उन्हें दबाव में लाने के लिए नोटिस जैसे कदम उठाए जाते हैं।
ईडी-सीबीआई के दुरुपयोग का दावा
सपा अध्यक्ष ने कहा कि वर्तमान हालात ऐसे बना दिए गए हैं कि भाजपा की लाइन से अलग सोच रखने वालों के पीछे ईडी और सीबीआई जैसी एजेंसियां लगा दी जाती हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि किसी अधिकारी द्वारा शंकराचार्य से प्रमाण-पत्र पूछना सनातन धर्म का गंभीर अपमान है और यह लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।
साधु-संतों के साथ खड़े रहने का संदेश
अखिलेश यादव ने स्पष्ट किया कि समाजवादी पार्टी हमेशा शंकराचार्य जी और सभी साधु-संतों के सम्मान में खड़ी रहेगी और उनके आशीर्वाद से जनता की सेवा करती रहेगी। इसके साथ ही उन्होंने संभल से जुड़े मामले पर भी टिप्पणी करते हुए उम्मीद जताई कि सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट इस विषय पर संज्ञान लेंगे।











































