संभल (उत्तर प्रदेश): संभल जिले के चंदौसी कोतवाली क्षेत्र में जीएसटी विभाग की छापेमारी से नाराज सर्राफा (सोना-चांदी) व्यापारियों ने जोरदार विरोध जताया है। बुधवार को शुरू हुई जीएसटी टीम की कार्रवाई के बाद व्यापारियों ने बाजार बंद कर धरना प्रदर्शन किया। गुरुवार को भी सर्राफा बाजार बंद रहा और व्यापारियों ने सड़कों पर उतरकर आक्रोश जताया। उन्होंने जांच के नाम पर उत्पीड़न और मनमानी का आरोप लगाया, जिससे कारोबार में भय का माहौल बन गया है।
मामला तब भड़का जब मुरादाबाद की जीएसटी टीम ने चंदौसी में एक प्रमुख सर्राफा कारोबारी (मोंटू ज्वेलर्स) के यहां 21 घंटे से अधिक समय तक छापेमारी की। जांच में 16 किलो सोना, 8 क्विंटल चांदी और करीब 34 कैरेट डायमंड सहित कुल 33 करोड़ रुपये मूल्य की अघोषित ज्वेलरी जब्त की गई। कारोबारी हिसाब-किताब नहीं दे पाया, जिसके बाद 1 करोड़ 20 लाख रुपये का जुर्माना जमा कराया गया। व्यापारियों का कहना है कि सोने-चांदी के बढ़ते दामों के कारण सामान्य व्यापारिक लेन-देन को टारगेट किया जा रहा है, जबकि वे जांच का विरोध नहीं करते।
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विरोध प्रदर्शन के दौरान धरना स्थल पर शिक्षा मंत्री गुलाब देवी की बेटी और चंदौसी ब्लॉक प्रमुख डॉ. सुगंधा सिंह पहुंचीं। उन्होंने व्यापारियों की समस्याएं सुनीं और उन्हें निदान का आश्वासन दिया। सुगंधा सिंह ने तुरंत जिला मजिस्ट्रेट (डीएम), जीएसटी अधिकारियों से बात की और मांग की कि बिना व्यापारियों को संज्ञान में लिए या उनकी बात सुने कोई कार्रवाई न की जाए। भाजपा के स्थानीय पदाधिकारी जैसे नगर अध्यक्ष अंकुर अग्रवाल और अन्य भी मौके पर पहुंचे। उनके हस्तक्षेप और आश्वासन के बाद धरना समाप्त हुआ, लेकिन बाजार आज (शुक्रवार) भी बंद रखा गया है।
व्यापारियों ने काली पट्टी बांधकर विरोध जताया और अनिश्चितकालीन धरने की चेतावनी दी थी। उनका आरोप है कि जीएसटी टीम की लगातार छापेमारी से कारोबार ठप हो गया है और भय के माहौल में व्यापार करना मुश्किल हो रहा है। पुलिस और प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया है।
INPUT-ANANYA MISHRA












































