संतकबीरनगर जनपद के जिला पंचायत कार्यालय परिसर में मंगलवार को आयोजित जिला पंचायत बोर्ड की बैठक उस समय हंगामेदार हो गई, जब मेंहदावल क्षेत्र के नारायणपुर में एक ही स्थान पर संचालित दो पशु बाजारों का मुद्दा सदन में उठा। वार्ड सदस्यों और बोर्ड पदाधिकारियों के बीच काफी देर तक तीखी बहस व नोकझोंक हुई। हालात को संभालने के लिए सांसद लक्ष्मीकान्त उर्फ पप्पू निषाद तथा सीडीओ जयकेश त्रिपाठी को हस्तक्षेप करना पड़ा। अंततः शासनादेश के अनुरूप केवल अधिकृत लाइसेंसधारी पशु बाजार के संचालन पर सहमति बनी। वहीं, हंगामे के दौरान सदन ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए ₹42 करोड़ 24 लाख 20 हजार के मूल बजट तथा चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए ₹61 करोड़ 22 लाख 51 हजार 746 रुपये के पुनरीक्षित बजट को सर्वसम्मति से मंजूरी दी। साथ ही वार्षिक कार्ययोजना 2026-27 को भी स्वीकृति प्रदान की गई।
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नारायणपुर पशु बाजार विवाद पर सांसद व सीडीओ के हस्तक्षेप से बनी सहमति
सीडीओ जयकेश त्रिपाठी के निर्देशन में अपर मुख्य अधिकारी आशुतोष कुमार ने बैठक का एजेंडा प्रस्तुत किया। जिला पंचायत की आय बढ़ाने के उद्देश्य से कई अहम प्रस्ताव पारित किए गए। इनमें पंचायत की स्वामित्व वाली भूमि पर व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का निर्माण, खनिज परिवहन शुल्क वसूली के लिए संशोधित उपविधि तैयार करना, पंचायत चुनाव के दौरान जारी होने वाले अदेयता प्रमाण पत्र के शुल्क में वृद्धि तथा जिला पंचायत कार्यालय में सोलर पैनल लगाने के प्रस्ताव शामिल रहे। बैठक के दौरान वार्ड नंबर तीन जिला पंचायत सदस्य के प्रतिनिधि दीना चौधरी द्वारा नारायणपुर में चल रहे दोनों पशु बाजारों से आय बढ़ाने का प्रस्ताव रखा गया, जिसका जिला पंचायत सदस्य शैलेन्द्र यादव और गौहर अली सहित अन्य जिला पंचायत सदस्यों ने विरोध किया। काफ़ी देर तक चले हंगामे के बीच सांसद और सीडीओ ने हस्तक्षेप कर मामला शांत कराया। वहीं , अन्य जनहित के मुद्दों में सेमरियावां सीएचसी में जन्म प्रमाणपत्र के नाम पर कथित धनउगाही तथा पौली क्षेत्र की समस्याएं भी उठीं, जिन पर जांच व समाधान का आश्वासन दिया गया। बैठक में 28 में से 23 सदस्य उपस्थित रहे। अंत में अध्यक्ष बलिराम यादव ने सभी के प्रति आभार जताया। इस दौरान सांसद लक्ष्मीकान्त उर्फ पप्पू निषाद, धनघटा विधायक गणेश चन्द्र चौहान तथा मेंहदावल विधायक अनिल कुमार त्रिपाठी पदेन सदस्य के रूप में उपस्थित रहे।
नियमों की अनदेखी कर दे दिया था श्रवण मौर्य को पशु बाजार का लाइसेंस
गौरतलब है कि मेंहदावल तहसील क्षेत्र के नारायणपुर बाजार में तत्कालीन अपर मुख्य अधिकारी राजकुमार शुक्ला ने वर्ष 2025 में शासन के आदेश के विरुद्ध श्रवण मौर्य को पशु बाजार का लाइसेंस जारी कर दिया था। नियमों के मुताबिक, एक पशु बाजार से अन्य पशु बाजार के बीच कम से कम आठ किलोमीटर की दूरी होनी चाहिए थी । इस पर नारायणपुर पशु बाजार के लाइसेंसधारक अभिषेक मौर्य ने श्रवण मौर्य व जिला पंचायत के विरुद्ध कोर्ट की शरण ली। इस पर कोर्ट ने अभिषेक मौर्य के लाइसेंस के वैध पाया था। इस पर श्रवण मौर्य और तत्कालीन अपर मुख्य अधिकारी (एएमए) जिला पंचायत को नोटिस जारी किया । इसके साथ ही संचालन पर रोक लगा दिया था।
“पशु बाजार से संबंधित उपविधि में संशोधन के लिए जिला पंचायत अध्यक्ष को सभी सदस्यों से राय – मशविशरा कर अगली बैठक में मूल उपविधि के प्रावधानों के साथ संशोधित किए जान वाले नियम के प्रारूप को समस्त सदस्यों को उपलब्ध कराते हुए अगली बैठक में रखा जाएगा । इसके आगे जिला पंचायत की बैठक में निर्णय लिया जाएगा । – जयकेश त्रिपाठी , मुख्य विकास अधिकारी संतकबीरनगर”











































