संतकबीरनगर: चेक बाउंस मामले में बालू घाट के तत्कालीन मैनेजर संतोष चतुर्वेदी को राहत

संतकबीरनगर जिले के महुली थाना क्षेत्र के भिटहा गांव निवासी आरोपी संतोष चतुर्वेदी से जुड़े चेक बाउंस मामले में जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने अहम आदेश पारित किया है। बालू घाट के मैनेजर पद पर रहते हुए लाखों रुपये के गबन व बालू आपूर्ति के नाम पर एडवांस लेने और बाउंस चेक जारी करने के आरोपों से संबंधित इस प्रकरण में सिविल जज सीनियर डिवीजन (एफटीसी) द्वारा दिए गए फैसले पर सुनवाई करते हुए अपील स्वीकार कर ली है। इसके साथ ही ट्रायल कोर्ट के विवादित फैसले व आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी है।

Also read:  अरावली केस में बड़ा फैसला, सुप्रीम कोर्ट ने अपने ही फैसले पर लगाई रोक, सरकार से मांगा स्पष्टीकरण

पांच अलग-अलग मामलों में अपील स्वीकार, अवर न्यायालय के फैसले पर अंतरिम रोक 

मंगलवार को हुई सुनवाई के दौरान कोर्ट ने आरोपी अपीलकर्ता संतोष चतुर्वेदी की दलीलों को प्रथम दृष्टया विचार योग्य मानते हुए यह आदेश पारित किया। अपीलकर्ता के अधिवक्ता जे.पी. राय ने न्यायालय को अवगत कराया कि 12 दिसंबर 2025 को कंप्लेंट केस संख्या 14833,14830,14966, 14969 और 16836/2021 (थाना महुली, जनपद संतकबीरनगर) में ट्रायल कोर्ट ने संबंधित बैंक चेक पर किए गए हस्ताक्षर को जो उनके बैंक में मौजूद हस्ताक्षर से मेल नहीं खाता था गलत तरीके से अनादरण का केस मान लिया था और इस तथ्य को कि संतोष चतुर्वेदी के चेक के लूटे जाने की एफआईआर को अवर न्यायालय ने दरकिनार कर दिया था। इसी आधार पर अपीलकर्ता पर करोड़ों रुपये की कथित राशि के भुगतान की जिम्मेदारी डाल दी गई, जो न्यायसंगत नहीं है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश मोहन लाल विश्वकर्मा ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कहा कि अपील में कई तर्कपूर्ण बिंदु सामने आए हैं, जिन पर विस्तृत विचार आवश्यक है। कोर्ट ने अपीलकर्ता को तीन दिनों के भीतर आवश्यक औपचारिकताएं पूर्ण करने के निर्देश देते हुए प्रतिवादियों को नोटिस जारी करने का आदेश दिया।

Also read‘8 सालों से न्याय के लिए लड़ रही हूं, मेरे परिवार के दुख का कोई मतलब नहीं….’,कुलदीप सिंह सेंगर की बेटियों का बयान आया सामने

 सत्र न्यायालय ने दी जमानत, अंतिम फैसले तक सजा और जुर्माना स्थगित

इस बीच अपीलकर्ता द्वारा दाखिल जमानत याचिका पर भी सुनवाई हुई। न्यायालय ने आपराधिक अपील के अंतिम निस्तारण तक आरोपी संतोष चतुर्वेदी को जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया और उनके विरुद्ध की सजा और जुर्माना को सस्पेंड कर दिया है। आदेश के अनुसार अपीलकर्ता को एक लाख रुपये का व्यक्तिगत बांड तथा समान राशि के दो जमानतदार प्रस्तुत करने होंगे। मामले की अगली सुनवाई के लिए 20 जनवरी 2026 की तिथि निर्धारित की है। गौरतलब है कि कोतवाली खलीलाबाद क्षेत्र के तामा खास गांव निवासी एवं जिला पंचायत अध्यक्ष बलिराम यादव, महुली क्षेत्र के नीबा होरिल निवासी गुलाब चंद, बलही गांव निवासी अभयानंद सिंह, मझुआ एकडंगा गांव निवासी सुनील कुमार मौर्य, धनघटा थाना क्षेत्र के निरंजनपुर माधोपुर गांव निवासी प्रत्यूष कुमार आदि ने वर्ष 2021 में अलग-अलग प्रत्यावेदन सिविल जज सीनियर डिवीजन एफटीसी में दाखिल किया था।

Input – Advocate JP Rai