मुंबई: देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर 2025) में शानदार प्रदर्शन किया है। बैंक ने स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट 21,028 करोड़ रुपये दर्ज किया, जो पिछले साल की इसी तिमाही के 16,891 करोड़ रुपये से 24.5%अधिक है। यह एसबीआई का अब तक का सबसे अधिक तिमाही लाभ है। कंसॉलिडेटेड प्रॉफिट भी 13.06% बढ़कर 21,317 करोड़ रुपये रहा।
मजबूत प्रदर्शन के मुख्य कारण
एसबीआई की इस तिमाही में सफलता के पीछे कई कारक रहे हैं। नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) 9.04% बढ़कर 45,190 करोड़ रुपये हो गई, जो पिछले साल 41,446 करोड़ रुपये थी। यह वृद्धि 15.14% की मजबूत लोन ग्रोथ से समर्थित रही। बैंक ने क्रेडिट विस्तार पर फोकस किया, जिससे ऑपरेटिंग प्रॉफिट में 40% की भारी बढ़ोतरी दर्ज हुई।
नॉन-इंटरेस्ट इनकम भी 15.65% बढ़कर 8,404 करोड़ रुपये हो गई। एसेट क्वालिटी में सुधार हुआ — ग्रॉस NPA रेशियो घटकर 1.57% और नेट NPA 0.39% पर आ गया। बैंक ने प्रोविजनिंग में भी संतुलन बनाए रखा, जिससे प्रॉफिट में बड़ा उछाल आया।
अन्य महत्वपूर्ण आंकड़े
- डिपॉजिट ग्रोथ: 9.02% रही।
- डोमेस्टिक NIM: 3.12% (हल्की गिरावट के बावजूद मजबूत)।
- कुल इनकम: 9.69% बढ़कर 1,40,915 करोड़ रुपये।
- टोटल एक्सपेंसेज: 1,08,052 करोड़ रुपये (पिछले साल 1,04,917 करोड़ रुपये)।
- कंसॉलिडेटेड प्रॉफिट: 13.06% बढ़कर 21,317 करोड़ रुपये।
एसबीआई का बयान और भविष्य की योजनाएं
एसबीआई ने कहा कि मजबूत लोन बुक, बेहतर एसेट क्वालिटी और कुशल ऑपरेशनल मैनेजमेंट ने इस रिकॉर्ड प्रदर्शन को संभव बनाया। बैंक ने बेसल III टियर-2 बॉन्ड के जरिए पूंजी जुटाई और जियो पेमेंट्स बैंक तथा यस बैंक में हिस्सेदारी बेचकर भी लाभ कमाया।
बाजार और निवेशकों की प्रतिक्रिया
एसबीआई के शेयरों में रिजल्ट के बाद सकारात्मक मूवमेंट देखा गया। निवेशक बैंक की मजबूत ग्रोथ, कम NPAs और उच्च प्रॉफिटेबिलिटी से खुश हैं। यह प्रदर्शन भारतीय बैंकिंग सेक्टर के लिए सकारात्मक संकेत है, खासकर जब अन्य बैंक भी दबाव में हैं।
एसबीआई का यह रिकॉर्ड लाभ देश की अर्थव्यवस्था में मजबूती और बैंकिंग सेक्टर की रिकवरी को दर्शाता है। बैंक ने 2026 में भी इसी तरह की मजबूत ग्रोथ बनाए रखने का लक्ष्य रखा है।
INPUT-ANANY MISHRA











































