उत्तर प्रदेश के कुख्यात स्क्रैप माफिया और गैंगस्टर रविन्द्र सिंह उर्फ रवि नागर उर्फ रवि काना* को बांदा जिला कारागार से रिहा किए जाने के बाद वह गायब हो गया है। पुलिस और मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, उसकी विदेश भागने की आशंका जताई जा रही है। यह घटना 29 जनवरी 2026 को हुई, जब नोएडा के एक उगाही (वसूली) मामले में बी-वारंट के बावजूद उसे रिहा कर दिया गया। गौतमबुद्ध नगर (नोएडा) की मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) अदालत ने इस पर सख्त नाराजगी जताई और बांदा जेल अधीक्षक से 6 फरवरी 2026 तक शपथपत्र के साथ स्पष्टीकरण मांगा है। अदालत ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए कहा कि क्यों ना जेल अधीक्षक के खिलाफ अभियुक्त को हिरासत से भगाने का मुकदमा चलाया जाए।
घटना का क्रम और रिहाई की वजह
रवि काना पहले से अन्य मामलों में बांदा जेल में बंद था। नोएडा के सेक्टर-63 थाने में जनवरी 2026 में उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 308(5) (जबरन वसूली), 351(2) (आपराधिक धमकी) और 3(5) के तहत मामला दर्ज हुआ था। नोएडा पुलिस ने अदालत से बी-वारंट (कस्टडी वारंट) जारी करवाया, ताकि उसे पेश किया जा सके।
29 जनवरी को वारंट जारी होने के बाद भी शाम 6:39 बजे जेल प्रशासन ने उसे रिहा कर दिया, क्योंकि उस समय तक कोई रोकने वाला आदेश नहीं पहुंचा था। रात करीब 7:45 बजे कस्टडी वारंट ईमेल पर पहुंचा, जिसमें 2 फरवरी को पेश करने का निर्देश था। लेकिन तब तक रवि काना जेल से निकल चुका था। जेल अधीक्षक ने सफाई दी कि पिछले मामलों की रिहाई के आदेश आ गए थे, और नया वारंट देर से मिला।
Also read:असम में कांग्रेस शासन पर अमित शाह का हमला, ‘घुसपैठियों की आबादी 0 से 64 लाख
अदालत की सख्ती और आगे की कार्रवाई
सीजेएम अदालत ने इसे प्रशासनिक लापरवाही करार दिया और जेल अधीक्षक को तलब किया। अदालत ने रवि काना के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया और तत्काल गिरफ्तारी के आदेश दिए। पुलिस अब उसकी तलाश में जुटी है, और जांच में यह देखा जा रहा है कि क्या यह लापरवाही थी या कोई साजिश। रिपोर्ट्स में कहा गया है कि रवि काना पहले थाईलैंड भाग चुका था (2024 में गिरफ्तार होकर लौटा था), इसलिए विदेश भागने की आशंका मजबूत है।
रवि काना का बैकग्राउंड
रवि काना ग्रेटर नोएडा-नोएडा क्षेत्र का कुख्यात स्क्रैप (लोहे-स्क्रैप) कारोबारी और गैंगस्टर है। उसके खिलाफ कई मामले हैं, जिसमें अवैध स्क्रैप व्यापार, वसूली, गैंगस्टर एक्ट और यहां तक कि रेप के आरोप भी शामिल हैं। 2024 में पुलिस ने उसके खिलाफ संपत्ति जब्त की (100-200 करोड़ की), और वह थाईलैंड भागा था जहां से डिपोर्ट होकर गिरफ्तार हुआ। उसकी महिला साथी काजल झा भी शामिल रही थी।
यह मामला यूपी जेल व्यवस्था और पुलिस-कोर्ट समन्वय पर सवाल उठा रहा है। पुलिस और अदालत की जांच जारी है।
INPUT-ANANYA MISHRA







































