UP: फतेहपुर (Fatehpur) जिले के राधानगर थाना क्षेत्र के बडनपुर गांव में एक दर्दनाक घटना ने गांव को हिला दिया। निर्माणाधीन मकान में बने खुले सेप्टिक टैंक में 7 वर्षीय शिवानी और 4 वर्षीय सुंदरम डूब गए। बच्चों की मौत ने पूरे गांव में मातम और गुस्से का माहौल बना दिया है।
खेल-खेल में हुई मौत या साजिश?
बच्चों की मां सुशीला पड़ोस में पानी भरने गई थी और दोनों बच्चे उसके पीछे-पीछे गए थे। थोड़ी देर बाद जब बच्चे वापस नहीं आए, तो खोजबीन शुरू की गई। इसी दौरान मकान मालिक अंजू पत्नी रामानंद ने बच्चों को टैंक में पड़ा हुआ पाया। घटना की भयावहता देख लोगों की चीख-पुकारें गूंज उठीं। बच्चों की मां और बुआ ने आरोप लगाया कि बच्चों को जानबूझकर टैंक में धक्का दिया गया, जिससे घटना और रहस्यमय बन गई।
खुले टैंक में लापरवाही का सवाल
गांव में लोग सवाल उठा रहे हैं कि निर्माणाधीन मकान में सेप्टिक टैंक बिना ढक्कन और सुरक्षा इंतजाम के क्यों खुला छोड़ा गया। क्या यह सिर्फ हादसा था या किसी की लापरवाही ने मासूमों की जान ली? गांववासियों का कहना है कि ऐसे खतरनाक निर्माण स्थल को खुला छोड़ना अत्यंत असुरक्षित और गैर-जिम्मेदाराना है।
गरीब परिवार की दुर्दशा
बच्चों के पिता राकेश भट्ठे में मजदूरी करते हैं। बुआ आरती ने बताया कि परिवार को किसी सरकारी योजना का लाभ नहीं मिला। ‘सरकार हर घर नल योजना की बात करती है, लेकिन हमें कोई सुविधा नहीं मिली,’ उन्होंने कहा। इस दुखद घटना ने गरीब परिवार की कठिनाइयों और प्रशासनिक असमर्थता को उजागर किया।
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पुलिस जांच और भविष्य की चिंता
पुलिस ने मौके पर पहुँचकर दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा और मामले की हर पहलू से जांच शुरू कर दी है। हालांकि, खुले सेप्टिक टैंक की सुरक्षा और बच्चों की मौत के कारणों को लेकर सवाल उठ रहे हैं। अब यह देखना है कि जांच असली हकीकत सामने लाएगी या यह मामला भी फाइलों में ही दब जाएगा।












































