दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े वांछित आतंकी शब्बीर अहमद लोन को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी गाजीपुर इलाके से रात करीब 10 बजे की गई। पुलिस के मुताबिक, आरोपी लंबे समय से फरार था और मेट्रो पोस्टर मामले में भी उसकी तलाश की जा रही थी। तलाशी के दौरान उसके पास से बांग्लादेशी टका, पाकिस्तानी करेंसी और एक नेपाली सिम कार्ड बरामद हुआ, जिन्हें जब्त कर लिया गया है।
पाकिस्तानी हैंडलरों से सीधा संपर्क
जांच में सामने आया कि लोन दो पाकिस्तानी हैंडलरों के संपर्क में था, जिनके कोड नाम अबू हुजैफा और सुमामा बाबर बताए गए हैं। ये दोनों लश्कर-ए-तैयबा के सक्रिय ऑपरेटिव हैं। अधिकारियों के अनुसार, लोन लगातार इनके निर्देश पर काम कर रहा था और भारत में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने की साजिश रच रहा था।
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बांग्लादेश और कोलकाता से जुड़ा नेटवर्क
पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ कि लोन कुछ समय से बांग्लादेश में छिपकर रह रहा था। इससे पहले उसने कोलकाता के हटियारा इलाके में अपने मॉड्यूल के लिए एक सुरक्षित ठिकाना बनाया था। यह जगह उसके साथियों के लिए सेफ हाउस की तरह इस्तेमाल होती थी। जांच एजेंसियों के मुताबिक, लोन भीड़भाड़ वाले इलाकों की रेकी करता था ताकि संभावित हमलों के लिए जगह चिन्हित की जा सके।
पुराना आतंकी रिकॉर्ड और नेटवर्क
अधिकारियों ने बताया कि लोन पहले भी कई बार गिरफ्तार हो चुका है। वर्ष 2007 में पहली गिरफ्तारी के दौरान उसने खुलासा किया था कि उसे सीधे जकी-उर-रहमान लखवी हैंडल कर रहा था। बाद में 2015 में उसे फिर पकड़ा गया, तब उसके साथ सज्जाद गुल भी गिरफ्तार हुआ था। हालांकि, सज्जाद गुल बाद में रिहा होकर पाकिस्तान भाग गया और वहां जाकर उसने द रेजिस्टेंस फ्रंट की स्थापना की।
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