ओसीएफ स्वर्ण जयंती स्टेडियम में मैत्रीपूर्ण क्रिकेट का मुकाबला सोनल चंद्रा के लिए अंतिम साबित हुआ। बल्लेबाजी के दौरान सीने में हुई उलझन की गंभीरता को वह भांप नहीं सके। आउट होने के बाद मैदान से बाहर आए तो दिक्कत बढ़ गई। जब तक कोई कुछ समझ पाता बेहोश होकर गिर पड़े।
उन्हें सीपीआर देने की बजाय अस्पतालों में ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार तो मिल गया, लेकिन बरेली के अस्पताल में भर्ती होने से पहले एक बार फिर से दिल का दौरा पड़ गया, जिससे उनकी मृत्यु हो गई। मैच के दौरान का वीडियो भी प्रसारित हो रहा है, जिसमें सोनल बल्लेबाजी के दौरान कुछ असहज दिख रहे हैं।
रोजा की आदर्शनगर कालोनी निवासी सोनल चंद्रा (32 वर्ष) निगोही के राना पब्लिक स्कूल में शिक्षक थे। शनिवार को ईद का अवकाश था। वह ओसीएफ स्टेडियम में मैच में खेलने पहुंच गए। चौक टीम की ओर से बल्लेबाजी के दौरान सोनल को कुछ उलझन महसूस हुई लेकिन उन्होंने सामान्य दर्द समझा।
33 रन की पारी खेलने के बाद जब वह आउट होकर मैदान से बाहर आए तो दिक्कत बढ़ने लगी। उनके साथी जब तक कुछ समझ पाते वह बेहोश हो गए। किसी को आभास भी न था कि उन्हें दिल का दौरा पड़ा है। उनको होश में लाने का प्रयास किया गया। उसके बाद ओसीएफ अस्पताल ले गए।
वहां कुछ देर रोकने के बाद उन्हें निजी अस्पताल भेजा गया। वहां भी प्राथमिक उपचार के बाद सुधार न हुआ तो चिकित्सक ने हालत गंभीर बताते हुए बरेली के राममूर्ति मेडिकल कालेज ले जाने की सलाह दी। बताया कि सोनल के पास सिर्फ एक घंटे का समय है। सोनल को रास्ते में एक बार फिर से दिल का दौरा पड़ गया।
अस्पताल में पहुंचने पर चिकित्सक ने मृत घोषित कर दिया। सोनल जब मां सुनीता के गर्भ में थे तब उनके पिता बीएसएफ कमांडेंट महेश चंद्रा 1992 में राजस्थान के गंगानगर में बलिदान हो गए थे। सेवानिवृत्त शिक्षक सुनीता बेटे के साथ अपने मायके में आदर्शनगर कालोनी में रहने लगीं थीं। सोनल के मामा राजीव भारती व संजीव भारती ने बताया कि भांजे की शादी नहीं हुई थी।
INPUT -ANANYA MISHRA
















































