UP: यूपी विधानसभा (UP Assembly) के बजट सत्र के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने शिक्षामित्रों के लिए अहम घोषणा की। उन्होंने सदन में बताया कि अप्रैल से शिक्षामित्रों को 18,000 रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जाएगा, जो अब तक 10,000 रुपये था। इसके साथ ही उन्हें 5 लाख रुपये तक की कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। प्रदेश में वर्तमान में करीब डेढ़ लाख शिक्षामित्र संविदा के आधार पर कार्यरत हैं, जिन्हें इस फैसले से सीधा लाभ मिलेगा।
अनुदेशकों को भी मिलेगा बढ़ा हुआ मानदेय
सरकार ने केवल शिक्षामित्रों तक ही राहत सीमित नहीं रखी, बल्कि अनुदेशकों के मानदेय में भी इजाफा किया है। अब राज्य के लगभग 28 हजार अनुदेशकों को 17,000 रुपये प्रतिमाह दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि इनका भुगतान समय पर सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक व्यवस्था की जा रही है। इस निर्णय को शिक्षा क्षेत्र से जुड़े संविदा कर्मियों के लिए बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है।
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विपक्ष के आरोपों के बीच सरकार का जवाब
बजट सत्र के दौरान समाजवादी पार्टी सहित अन्य विपक्षी दलों ने शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के कम मानदेय का मुद्दा उठाया था। सपा प्रमुख अखिलेश यादव और विधायक रागिनी सोनकर ने सरकार पर इस विषय में उदासीनता का आरोप लगाया था। जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व सरकार के समय जहां 3,000 रुपये मानदेय दिया जाता था, वहीं उनकी सरकार ने इसे पहले 10,000 और अब 18,000 रुपये कर दिया है।










































