सपा का बजट सत्र से पहले विधानसभा में जोरदार हंगामा: सपा विधायकों की जोरदार नारेबाजी, कांग्रेस ने भी दिया समर्थन

उत्तर प्रदेश विधानसभा में आज फिर तेज हंगामा देखने को मिला। समाजवादी पार्टी के विधायकों ने महंगाई, बेरोजगारी, किसानों की समस्याओं और कानून-व्यवस्था को लेकर जोरदार नारेबाजी की। कांग्रेस विधायकों ने भी सपा का साथ देते हुए सदन में विरोध प्रदर्शन किया। नारेबाजी और हंगामे के कारण स्पीकर ने सदन को पहले स्थगित किया और फिर दिन भर के लिए स्थगित कर दिया। विपक्ष का आरोप है कि सरकार जनता के असली मुद्दों पर चर्चा से भाग रही है।

सपा विधायक लगातार नारे लगा रहे थे

महंगाई हटाओ, बेरोजगारी हटाओ”
किसानों का कर्ज माफ करो”
यूपी में कानून-व्यवस्था खत्म हो गई”

सपा विधायकों का मुख्य निशाना योगी सरकार की नीतियां और हाल के कुछ विवादास्पद मुद्दे थे। कांग्रेस के कुछ विधायकों ने भी सपा का साथ देते हुए नारेबाजी में हिस्सा लिया और सदन के बीच में खड़े होकर विरोध जताया।

हंगामा इतना बढ़ गया कि स्पीकर सतीश महाना को कई बार सदन को शांत करने की अपील करनी पड़ी। जब स्थिति नियंत्रण में नहीं आई तो स्पीकर ने सदन को पहले 10-15 मिनट के लिए स्थगित किया। लेकिन फिर से शुरू होने पर भी विपक्ष ने नारेबाजी जारी रखी

विपक्ष का रुख

सपा विधायक नेता राम गोविंद चौधरी ने कहा कि सरकार महंगाई, बेरोजगारी और किसानों की समस्याओं पर चर्चा नहीं करना चाहती। उन्होंने आरोप लगाया कि सदन में जनता के असली मुद्दों पर बहस की जगह केवल सरकारी तारीफ होती है। कांग्रेस के विधायकों ने भी कहा कि विपक्ष के सभी सवालों को दबाया जा रहा है और सरकार जवाब देने से बच रही है।

Also read:उन्नाव रेप केस: कुलदीप सिंह सेंगर ने खटखटाया SC का दरवाजा, पीड़िता के पिता की कस्टडी डेथ मामले में जमानत की अपील

सत्ता पक्ष का जवाब

भाजपा विधायकों और सरकार के प्रवक्ताओं ने विपक्ष पर पलटवार करते हुए कहा कि सपा और कांग्रेस केवल नारेबाजी और हंगामा करने में माहिर हैं। उनका कहना है कि योगी सरकार ने कानून-व्यवस्था, विकास और जनकल्याण में अभूतपूर्व काम किया है, जिसे विपक्ष स्वीकार नहीं करना चाहता।

क्या मुद्दे उठाए जा रहे हैं?

महंगाई और पेट्रोल-डीजल-गैस के दाम
बेरोजगारी और युवाओं की निराशा
किसानों की कर्जमाफी और MSP की मांग
हाल के कुछ अपराध और कानून-व्यवस्था के मामले
सरकारी योजनाओं में कथित भ्रष्टाचार

यह हंगामा बजट सत्र के दौरान और तीखा हो सकता है, क्योंकि विपक्ष सरकार को घेरने के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है। स्पीकर ने पहले ही चेतावनी दी है कि सदन का समय बर्बाद नहीं किया जाना चाहिए, लेकिन अभी तक दोनों पक्षों के बीच कोई समझौता नहीं दिख रहा।

INPUT-ANANYA MISHRA

(देश और दुनिया की खबरों के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, आप हमें ट्विटर पर भी फॉलो कर सकते हैं.)